7 मई को भारत में बजेंगे हवाई हमले के सायरन: देशभर में मॉक ड्रिल की तैयारी

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश भर में गुस्से का माहौल है। इस हमले में हुए नुकसान और मासूमों की जान जाने से लोगों में आक्रोश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हमले के दोषियों को “कल्पना से बड़ी सजा” देने की बात कही है। इस बीच भारत सरकार ने सुरक्षा तैयारियों को लेकर अहम कदम उठाया है।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के कई राज्यों को 7 मई को मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें हवाई हमले के सायरन भी बजाए जाएंगे। इस ड्रिल का मकसद युद्ध जैसी आपात स्थितियों में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी को परखना है।

क्या होती है मॉक ड्रिल और क्यों बजते हैं सायरन?

मॉक ड्रिल में हवाई हमले या अन्य आपदा की स्थिति का नकली अभ्यास किया जाता है, ताकि नागरिकों और एजेंसियों को ऐसी परिस्थिति में सही प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण मिल सके। हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन लोगों को सतर्क करते हैं और संकेत देते हैं कि उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करना चाहिए।

यूक्रेन में कैसे किया जाता है अलर्ट?

रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते यूक्रेन ने एक डिजिटल अलर्ट सिस्टम विकसित किया है। वहां एक खास मोबाइल ऐप – Air Alarm – का इस्तेमाल किया जाता है जो नागरिकों को उनके क्षेत्र में संभावित हवाई हमले के बारे में तेज़ अलार्म के ज़रिए चेतावनी देता है।

Air Alarm ऐप की खास बातें:

  • साइलेंट या स्लीप मोड में भी मैक्सिमम वॉल्यूम पर अलर्ट।
  • रजिस्ट्रेशन या पर्सनल डेटा की ज़रूरत नहीं।
  • यूजर अपनी लोकेशन चुनकर अलर्ट पा सकते हैं।
  • ऐप Google Play और Apple App Store पर उपलब्ध है।

इसके अलावा, यूक्रेन सरकार ने “Diia” ऐप भी लॉन्च किया है, जो 21 मिलियन यूजर्स को उनके सरकारी दस्तावेज़ डिजिटल रूप में उपलब्ध कराता है।

भारत में डिजिटल अलर्ट की तैयारी जरूरी?

भारत में फिलहाल ऐसी किसी एकीकृत ऐप आधारित प्रणाली की कमी है जो नागरिकों को आपदा या हमले की स्थिति में रियल-टाइम अलर्ट दे सके। 7 मई की मॉक ड्रिल इस दिशा में एक संभावित शुरुआत मानी जा सकती है।

जैसे हालात बन रहे हैं, भारत को भी यूक्रेन जैसे हाई-टेक अलर्ट सिस्टम की जरूरत महसूस हो रही है। सवाल यह है – क्या भारत भी डिजिटल सिविल डिफेंस की दिशा में कदम बढ़ाएगा?


 

  • ये भी पढ़े..

    BPSSC Forest Range Officer Recruitment 2026: बिहार में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के 16 पदों पर भर्ती, 16 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन

    Share Add as a preferred…

    ‘चारा घोटाले’ को लेकर RJD का BJP पर हमला, पूछा- एक ही मामले में मंत्री और उम्मीदवार के लिए अलग-अलग नियम क्यों?

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *