‘बिहारी बाबू को बिग कांग्रेट्स’: वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्ड पारी पर सैंड आर्टिस्ट ने दी अनोखी बधाई

भागलपुर – आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन करने वाले बिहार के 14 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर पूरे देश में खुशी की लहर है। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए वैभव ने 28 अप्रैल को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों में शतक जड़कर नया कीर्तिमान रचा। अब वह टी20 क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।

इस उपलब्धि पर बिहार के अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने खास अंदाज में अपनी बधाई दी है। मधुरेंद्र ने पीपल के पत्ते पर ब्लेड से नक्काशी करते हुए वैभव सूर्यवंशी की एक सूक्ष्म और अनोखी तस्वीर बनाई है, जिस पर लिखा गया है—”बिहारी बाबू बिग कांग्रेट्स सूर्या”।

कला के जरिए दी प्रेरणा
मधुरेंद्र ने बताया कि इस कलाकृति को बनाने में उन्हें करीब पांच घंटे लगे और यह दुनिया की सबसे छोटी—तीन सेंटीमीटर—पीपल पत्ती पर बनी क्रिकेटर की तस्वीरों में से एक है। यह कलाकृति सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और देशभर के क्रिकेट प्रेमी इसे साझा कर रहे हैं।

युवाओं के लिए उदाहरण हैं वैभव
सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने वैभव को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा, “आज की युवा पीढ़ी नशे और गलत आदतों की ओर बढ़ रही है, जबकि 14 साल का वैभव अपने खेल और समर्पण से यह दिखाता है कि इस उम्र में क्या हासिल किया जा सकता है।”

बिहार से अंतरराष्ट्रीय मंच तक
मधुरेंद्र कुमार पूर्वी चंपारण जिले के बिजबनी गांव के रहने वाले हैं और देश-विदेश में अपनी सैंड आर्ट और पीपल लीफ आर्ट के लिए जाने जाते हैं। उन्हें अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें इंटरनेशनल सैंड आर्ट फेस्टिवल अवार्ड, मगध रत्न और बिहार गौरव जैसे सम्मान शामिल हैं।

कलाम से मिली थी सराहना
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने भी 2012 में मधुरेंद्र की कलाकृति की सराहना की थी। वे स्वच्छ भारत अभियान और निर्वाचन आयोग के ब्रांड एंबेसडर भी रह चुके हैं।

वैभव की इस उपलब्धि पर बिहारवासियों को गर्व है – मधुरेंद्र कुमार
“14 वर्षीय वैभव ने आईपीएल इतिहास में नया इतिहास रचकर बिहार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। ये सिर्फ क्रिकेट की नहीं, पूरे राज्य की जीत है।”

यह खबर न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश देती है—कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

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