35 साल में पहली बार पूरी कश्मीर घाटी बंद, आतंकी हमले के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

श्रीनगर, 24 अप्रैल 2025: कश्मीर घाटी ने बुधवार को इतिहास रचते हुए आतंकी हमले के विरोध में 35 वर्षों में पहली बार पूरी तरह बंद का समर्थन किया। इस अभूतपूर्व बंद को समाज के हर वर्ग, स्थानीय संगठनों और राजनीतिक दलों का व्यापक समर्थन मिला। घाटी के हर कोने से एक ही संदेश गूंजा—आतंक के खिलाफ एकजुटता।

व्यवसायिक गतिविधियां ठप, सड़कों पर सन्नाटा
अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर सहित घाटी के अधिकांश इलाकों में दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़ी दुकानें ही खुली रहीं। सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन न के बराबर दिखा, हालांकि निजी वाहनों की आवाजाही सामान्य रही।

नेशनल कॉन्फ्रेंस का शांतिपूर्ण प्रदर्शन
सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के कार्यकर्ताओं ने आतंकी हमले के खिलाफ मार्च निकाला। हाथों में “दोषियों को सजा दो”, “हिंसा नहीं जीतेगी”, और “हम एकजुट हैं” जैसे संदेशों वाली तख्तियां लिए कार्यकर्ता श्रीनगर के लाल चौक स्थित घंटाघर तक पहुंचे। मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी
सेना और सुरक्षा बलों ने आतंकियों की तलाश में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, बैसरन इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया है और तलाशी अभियान लगातार जारी है।

देशभर में प्रदर्शन, केंद्र से कठोर कार्रवाई की मांग
कश्मीर घाटी ही नहीं, पूरे देश में इस नृशंस हमले के खिलाफ प्रदर्शन हुए। आम जनता से लेकर सामाजिक संगठनों तक ने एक सुर में आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की। लोगों का कहना है कि अब और देर नहीं की जा सकती—आतंक को जड़ से खत्म करना ही एकमात्र विकल्प है।

स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं सुरक्षा एजेंसियां
सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बना रखी है। आतंकी गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

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