4075 करोड़ की लागत से 120 किलोमीटर लंबी रेल लाइन, इन जिलों के 75 लाख लोगों को फायदा, 18 साल से कागजों में अटकी थी परियोजना

बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, बहुप्रतीक्षित औरंगाबाद-बिहटा रेल प्रोजेक्ट अब हकीकत की ओर बढ़ रहा है। रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है, और मई 2025 से 13 किमी रेल लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद जून से औरंगाबाद के अनुग्रह नारायण रोड से पटना के बिहटा तक 107 किमी लंबी रेल पटरी बिछाने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। इस रेल लाइन के बनने से पटना से औरंगाबाद का सफर सिर्फ 2 घंटे में पूरा हो सकेगा, यानी अभी के 3 घंटे की तुलना में 1 घंटे की बचत होगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह परियोजना दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में अनुग्रह नारायण रोड से औरंगाबाद तक 13 किमी रेल लाइन का निर्माण होगा, जिसके लिए रेलवे बोर्ड ने 440.59 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। मई 2025 से इसकी शुरुआत होगी। दूसरे चरण में अनुग्रह नारायण रोड से अरवल होते हुए बिहटा तक 107 किमी रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिसकी शुरुआत जून 2025 से प्रस्तावित है। कुल मिलाकर 120 किमी लंबी यह रेल लाइन तीन जिलों.. पटना, अरवल और औरंगाबाद के करीब 75 लाख लोगों के लिए यात्रा को आसान बना देगी।

बता दें कि इस रेल मार्ग पर 14 स्टेशन और 10 हॉल्ट बनाने की योजना है। प्रमुख स्टेशनों में औरंगाबाद, दाउदनगर, पालीगंज और बिहटा शामिल हैं। पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र के मुताबिक, 107 किमी रेल लाइन के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और 15 अप्रैल 2025 तक इसे रेलवे बोर्ड को सौंप दिया जाएगा। बोर्ड से 15-20 दिनों में मंजूरी मिलने की उम्मीद है, क्योंकि खुद रेलवे बोर्ड ने इसकी तैयारी को तेज करने के निर्देश दिए थे।

वहीं, इस मेगा प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 4075 करोड़ रुपये है। औरंगाबाद में जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है, जिसमें पूर्व मध्य रेल के अधिकारी और औरंगाबाद डीएम मिलकर जुटे हैं। पहले चरण के 13 किमी के लिए 440.59 करोड़ रुपये पहले ही मंजूर हो चुके हैं। यह रेल लाइन बनने से न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि इलाके में व्यापार और विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।

इस परियोजना का शिलान्यास 16 अक्टूबर 2007 को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद ने पालीगंज में किया था। लेकिन पिछले 18 सालों में यह कागजों में ही अटकी रही। अब सर्वे पूरा होने और डीपीआर तैयार होने के बाद यह सपना सच होने की राह पर है।

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