मां की मौत, पिता ने की दूसरी शादी, चाचा ने बदली जिंदगी, जानें कौन हैं SRH की खोज ‘अनिकेत वर्मा’

आईपीएल 2025 के 7वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच रोमांचक भिड़ंत हो रही है। लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए SRH ने 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 191 रन बनाए। ट्रेविस हेड ने 47 रन और अनिकेत वर्मा ने 36 रन की अहम पारी खेली। लखनऊ के लिए शार्दुल ठाकुर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके और टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया। लेकिन इससे पहले एक खिलाड़ी काफी चर्चा में है। दरअसल, इस खिलाड़ी की आईपीएल तक पहुंचने की संघर्ष भरी कहानी किसी भी युवा के लिए प्रेरणादायक है। इस खिलाड़ी का नाम अनिकेत वर्मा है, जो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से आते हैं।

कौन हैं SRH के खिलाड़ी अनिकेत वर्मा?

अनिकेत वर्मा पहली बार आईपीएल में खेल रहे हैं। इस साल हुए मेगा ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने उन पर दांव लगाया और 30 लाख रुपये में खरीदा। 23 साल के अनिकेत वर्मा पिछले साल एमपी प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन से चर्चा में आए थे। उन्होंने सिर्फ 32 गेंदों में शतक लगाकर सबका ध्यान खींचा। आईपीएल से पहले SRH के प्रैक्टिस मैच में भी अनिकेत ने दमदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 16 गेंदों में 46 रन बनाए, जिसमें श्रीलंकाई स्पिनर कामिंडू मेंडिस की 4 गेंदों पर 4 छक्के भी शामिल थे।

चाचा के सहारे आईपीएल तक पहुंचे अनिकेत

अनिकेत वर्मा का सफर आसान नहीं था। उन्होंने बचपन में ही अपनी मां को खो दिया था, तब वह सिर्फ 3 साल के थे। उनके पिता ने दूसरी शादी कर ली, लेकिन उनके चाचा अमित वर्मा ने उन्हें संभाला और एक सफल क्रिकेटर बनाने में अहम भूमिका निभाई। अमित वर्मा ने अनिकेत को 10 साल की उम्र में पहली बार क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिलवाया। इसके बाद अनिकेत ने कड़ी मेहनत की और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

अनिकेत वर्मा का सफर

अनिकेत वर्मा ने अपने संघर्ष के बारे में दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “मेरा फैमिली बैकग्राउंड ज्यादा मजबूत नहीं था। सबसे पहले मैं रेलवे यूथ क्रिकेट क्लब गया, जहां नंदजीत सर ने मुझे क्रिकेट के बेसिक्स सिखाए। इसके बाद अंकुर क्लब में ज्योतिप्रकाश त्यागी सर ने मेरी बैटिंग को निखारा। अब मैं फेथ क्रिकेट क्लब में ट्रेनिंग करता हूं।”

अनिकेत ने अपने चाचा अमित वर्मा के योगदान को भी सराहा। उन्होंने कहा, “मेरे चाचा हमेशा मेरे साथ रहे। जब भी मुझे किसी चीज़ की जरूरत होती थी, वे किसी भी तरह उसे पूरा कर देते थे। असली संघर्ष उनका था। वे आर्थिक रूप से मजबूत नहीं थे, फिर भी उन्होंने कभी मुझे किसी चीज़ की कमी महसूस नहीं होने दी। वे खुद अपनी जरूरतें पूरी नहीं कर पाते थे, लेकिन मेरी हर जरूरत पूरी करते थे।” आईपीएल में खेलने पर अनिकेत ने कहा, “मुझे बस एक मौका चाहिए था। यह मेरे लिए बहुत बड़ा मौका है। मेरी कोशिश यही रहेगी कि मैं इसे अच्छे से भुना सकूं और यह हाथ से न जाने दूं।”

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