पटना: राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान, अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली शपथ

पटना: राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के अवसर पर बिहार के विभिन्न सरकारी विभागों में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में शपथ ग्रहण समारोह

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में विशेष सचिव मो. नैय्यर इकबाल ने मीटिंग हॉल में अधिकारियों और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति प्रतिबद्धता जताने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करना चाहिए, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से बचना चाहिए और गति सीमा का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी अपील की कि लोग सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों की मदद करें और अपने परिवार व समाज को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें।

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समाज कल्याण विभाग में सुरक्षा संकल्प

इसी कड़ी में, समाज कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव हरजोत कौर ने पटना स्थित पुराना सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शपथ ग्रहण कराया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। उन्होंने सभी से गति सीमा का ध्यान रखने और सड़क संकेतों का पालन करने की अपील की, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की पहल

बिहार सरकार के परिवहन विभाग के निर्देशों के तहत, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में भी सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। विभाग के अपर सचिव अनिल कुमार ठाकुर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यातायात नियमों के अनुपालन की शपथ दिलाई। शपथ में हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने, सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने और समाज में सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करने का संकल्प लिया गया।

सड़क सुरक्षा: एक सामूहिक जिम्मेदारी

सड़क सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है, जो हम सभी को निभानी चाहिए। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यक्तिगत अनुशासन और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। यातायात नियमों का पालन करके न केवल खुद को, बल्कि दूसरों की जान भी बचाई जा सकती है। यह कदम आर्थिक और सामाजिक दोनों रूप से लाभकारी है, क्योंकि इससे दुर्घटनाओं में कमी आने के साथ-साथ स्वास्थ्य और संपत्ति की रक्षा भी होती है।

इस अभियान के तहत तीनों विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करेंगे और अपने परिवार व समाज को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। बिहार सरकार ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा दें।

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