डायलिसिस करवाने आया था मरीज, डॉक्टर ने काटी जीभ, फिर कहा- अब नहीं बचेगा

समस्तीपुर में एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डायलिसिस कराने आए मरीज की जीभ काट दी गई और जब उसकी हालत गंभीर हो गई, तो उसे मुंह में पट्टी बांधकर अस्पताल से बाहर भेज दिया गया। अब मरीज बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

डायलिसिस के लिए भर्ती हुआ, पर काट दी गई जीभ!

समस्तीपुर के मोहनपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में विभूतिपुर थाना क्षेत्र के शिवनाथपुर निवासी सत्यनारायण पासवान को डायलिसिस के लिए भर्ती किया गया था। लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उसकी जीभ कट गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने मरीज को गंभीर स्थिति में छोड़ दिया और कहा कि उसकी किडनी फट गई है। इसके बाद उसे अस्पताल से निकालकर घर भेज दिया गया।

‘मरीज का मुंह मत खोलिए, किडनी फट गई है’

पीड़ित मरीज के रिश्तेदार रौशन पासवान ने बताया कि जब मरीज की जीभ कट गई, तो डॉक्टरों ने मुंह में पट्टी बांध दी और परिजनों से कहा कि उसकी किडनी फट गई है। डॉक्टरों ने यह तक कह दिया कि अब मरीज ज्यादा देर तक नहीं बचेगा, इसलिए उसे अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया। मजबूर परिवार गांव लौटा, चंदा जुटाया और बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां अब उसका इलाज चल रहा है।

डॉक्टरों की सफाई: “हमारे अस्पताल में ऐसा कोई मरीज भर्ती ही नहीं हुआ”

जब इस मामले पर नर्सिंग होम के संचालक से सवाल किया गया तो उन्होंने पूरी घटना से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा, “हमारे रजिस्टर में ऐसा कोई मरीज दर्ज नहीं है, यह हमें फंसाने की साजिश हो सकती है।”

सिविल सर्जन ने दिए जांच के आदेश

समस्तीपुर के सिविल सर्जन एस. के. चौधरी ने कहा कि डायलिसिस के दौरान मरीज की हालत बिगड़ने पर इंडोस्कोपी या बेल्ट का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन जीभ काटना लापरवाही का मामला हो सकता है। उन्होंने कहा, “अगर अत्यधिक ब्लीडिंग हुई थी, तो मरीज की जान भी जा सकती थी। मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी।”

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