डब्ल्यूजेएआई के तीसरे आभासी “संवाद” में पत्रकारों से रु-बरु हुए उदय चंद्र सिंह

डब्ल्यूजेएआई) द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम को कल देर शाम मुख्य वक्ता के रूप में NDTV के पूर्व आउटपुट एडिटर सह MyGov India के प्रबंधक उदय चंद्र सिंह ने संबोधित किया। वर्चुअल माध्यम से आयोजित होने वाले “संवाद” के तीसरे एपिसोड का विषय था ‘एक नई मीडिया संस्कृति का जन्म।’
संवाद को संबोधित करते हुए डब्ल्यूजेएआई के डब्ल्यूजेएसए के मानद सदस्य उदय चंद्र सिंह ने कहा कि महानगरों में पत्रकारिता के विषयों पर अक्सर सेमिनार का आयोजन किया जाता है लेकिन वेब पत्रकारिता के मामले में ऐसा कुछ नहीं होता है। दूर दराज के क्षेत्रों में आज वेब पत्रकारिता की भूमिका काफी बड़ी है ऐसे में उनके लिए ये जानना और समझना जरूरी है कि आज वेब मीडिया देश दुनिया की परिदृश्य कैसे बदल रहा है। उन्होंने कहा कि आज नई मीडिया ने एक मजबूत जगह बना ली है लेकिन फिर भी हमें खासकर कॉपीराईट जैसे कुछ कानून, अधिकार और टेक्नोलॉजी जानने की जरूरत है। आज एक ऐसा वक्त है कि हमें यह सोचना पड़ेगा कि नए पत्रकारों को यह बता सकें कि क्या और कैसे करना चाहिए।

डब्ल्यूजेएआई के तीसरे आभासी “संवाद” में पत्रकारों से रु-बरु हुए उदय चंद्र सिंहउन्होंने कहा कि आज वेब मीडिया ने एक नई मीडिया संस्कृति को जन्म दिया है। आज के समय में टीवी जर्नलिज्म के लोग वेब जर्नलिज्म को पचा नहीं पा रहे हैं। आज के समय में भी वेब के पत्रकारों को तीसरे दर्जे का पत्रकारिता माना जा रहा है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता की जमी जमाई जमीन के बीच वेब पत्रकारिता का आना और अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था। पहले हम सिर्फ अखबार पढ़ते थे या टीवी पर अपनी मनपसंद शो देखते थे। पहले खबर सिर्फ टीवी तक उपलब्ध था जबकि अब आपके हाथों में है। वेब मीडिया ने पाठकों को खबर पर अपना रिएक्शन देने का भी अवसर प्रदान किया है।
भारत में वेब पत्रकारिता
मुख्य वक्ता उदय चंद्र सिंह ने भारत में वेब पत्रकारिता की शुरुआत के लिए एन राम को धन्यवाद देते हुए कहा कि 1995 में पहली बार अपने अखबार का ई संस्करण लाया। उसके बाद बड़े मीडिया हाउस भी इस तरफ आए। देखते देखते टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला कि हमारा सर्कुलेशन जो कम हुआ है उसका 20 प्रतिशत ग्राहक इंटरनेट की तरफ चले गए। इसी का नतीजा है कि आज कई बड़े मीडिया हाउस अपने ई संस्करण के लिए भी आपसे पैसे लेते हैं।
आम आदमी भी है पत्रकार
अक्सर देखा जाता रहा है कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कई बार एक पक्षीय खबरें चलाता है तो वेब मीडिया से उम्मीदें जगी हैं कि दोनों पक्षों की बात करेगा। आज आम आदमी भी पत्रकार है। कुछ चीजें रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डालते हैं और आसानी से आम जनमानस तक पहुंच जाते हैं। डिजिटल मीडिया ने कोरोना जैसे महामारी के समय एक अहम भूमिका निभाई और जनमानस तक हर जरूरी सूचनाएं पहुंचाई।

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