अनंत सिंह फायरिंग मामले में गैंगस्टर मोनू के घर पर पुलिस ने चिपकाया नोटिस, ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंची; पत्नी ने किया यह काम

बिहार के मोकामा फायरिंग मामले में अब बिहार पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे गैंगस्टर मोनू के खिलाफ जलालपुर नौरंगा  में उनके घर में इश्तेहार चिपकाई है। बाढ़ पुलिस ने मोकामा शूटआउट केस में 23 दिनों से फरार चल रहे गैंगस्टर मोनू के घर पर नोटिस चिपकाया है। अब मोनू के सरेंडर नहीं करने पर संपत्ति कुर्क की जाएगी।

दरअसल, पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह के साथ फायरिंग मामले में सोनू-मोनू गैंगऔर अनंत सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। इसके बाद मोकामा के पूर्व विधायक ने बाढ़ कोर्ट में सरेंडर कर दिया और इसके साथ ही इस मामले में सोनू ने भी पचमहला थाने में खुद को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद दोनों को अलग -अलग जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, इस मामले में एक अन्य आरोपी रौशन की भी गिरफ्तारी हुई थी। जबकि मोनू इसी मामले में पिछले 23 दिनों से फरार चल रहा और पुलिस इसके तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। इसके बाद अब पुलिस के तरफ से यह एक्शन लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक बाढ़ पुलिस ने गुरुवार को मोनू के घर पर नोटिस चिपकाया है। मोनू मोकामा शूटआउट केस में मुख्य आरोपी है और पिछले 23 दिनों से पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। इसी क्रम में पुलिस ने मोनू के घर पर नोटिस चिपकाकर उसे समर्पण करने का आदेश दिया है। यदि वह ऐसा नहीं करता है, तो उसकी संपत्ति को कुर्क कर लिया जाएगा। यह कार्रवाई बाढ़ एएसपी राकेश कुमार के नेतृत्व में की गई। इस दौरान आठ थानों की पुलिस टीम मौजूद रही। पुलिस ने ढोल-नगाड़ों के साथ मोनू के गांव जलालपुर पहुंचकर उसके घर पर नोटिस चिपकाया।

वहीं, इस कार्रवाई का मोनू के परिजनों ने जमकर विरोध किया। मोनू की बहन ने नोटिस को फाड़ दिया और पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने चेतावनी दी कि नोटिस फाड़ने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के लिए मोनू की बहन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी मामले में मोनू के साथियों सौरभ और गौतम के घर पर भी नोटिस चिपकाए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि ये आरोपी समर्पण नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्ति को भी कुर्क कर लिया जाएगा। पुलिस की यह कार्रवाई फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मालूम हो कि मोकामा शूटआउट मामला बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में मोनू और उसके साथियों पर गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू की है। हालांकि, मोनू के परिजनों का विरोध और नोटिस फाड़ने की घटना ने इस मामले को और जटिल बना दिया है। पुलिस ने साफ किया है कि वह किसी भी हालत में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। इस पूरे मामले से यह स्पष्ट है कि पुलिस फरार आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी और नोटिस चिपकाने की कार्रवाई इसी दिशा में एक कदम है। हालांकि, मोनू और उसके साथियों का समर्पण करना या न करना अभी देखना बाकी है। इस बीच, पुलिस की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।

गौरतलब हो कि 22 जनवरी बुधवार की शाम पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ नौरंगा गांव पहुंचे थे। वहां गैंगस्टर सोनू-मोनू और अनंत समर्थकों के बीच फायरिंग हुई थी। इस दौरान 100 राउंड फायरिंग होने की बात कही जा रही थी। फायरिंग का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ था। 53 सेकेंड के वीडियो में 20 राउंड फायरिंग की आवाज सुनी जा सकती है। जिसके बाद पुलिस ने अनंत सिंह पर आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास समेत दूसरी धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस कर्मियों से धक्का मुक्की करने, गाली गलौज और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

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