इंट्री पासिंग माफिया के कारनामों की जांच अब आर्थिक अपराध इकाई करेगी। भागलपुर और आसपास के जिलों में इंट्री पासिंग माफिया के सक्रिय होने और ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के लिए मोटी रकम की उगाही की बात सामने आने के बाद डीजीपी विनय कुमार के निर्देश पर ईओयू की टीम जांच के लिए भागलपुर आएगी। ईओयू की टीम इंट्री पासिंग माफिया के साथ पुलिस की मिलीभगत की भी जांच करेगी।
माफिया का ऑडियो हुआ था वायरल, जांच के नाम पर खानापूर्ति
पिछले महीने इंट्री पासिंग माफिया का ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें एक थानेदार के निजी चालक की बातचीत सामने आई थी। वह कह रहा था कि नंबर लिखवाने पर पुलिस वाहनों को नहीं रोकेगी। ऐसा नहीं करने पर एक ट्रक को छोड़ने के लिए 80 हजार की डिमांड की बात सामने आई थी। ऑडियो वायरल होने के बाद जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई। भागलपुर के जगदीशपुर, जीरोमाइल, सबौर, घोघा, पीरपैंती व कहलगांव के अलावा नवगछिया के परबत्ता, नवगछिया सहित अन्य थाना क्षेत्रों में इंट्री पासिंग माफिया सक्रिय हैं।
थानों के निजी चालक सबसे खास, गोपनीय नंबर का इस्तेमाल
ओवरलोड ट्रकों की इंट्री पासिंग कराने के लिए थानेदार का सबसे खास उस थाना का निजी चालक या स्टाफ होता है। इस बात की भी जानकारी मिली है कि थानेदार इंट्री पासिंग माफिया से बात करने के लिए गोपनीय मोबाइल नंबर रखते हैं जो माफिया के अलावा उनके निजी चालक और स्टाफ को ही पता होता है। सभी बिंदुओं पर ईओयू की टीम जांच करेगी।


