पटना — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार दिखाते हुए पूरे राज्य में 84 जनसभाएं कीं और करीब 1000 किलोमीटर की सड़क यात्रा पूरी की। इस चुनावी दौरे का उद्देश्य साफ था—जनता से सीधा संवाद और एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन जुटाना।
“विकास और स्थिरता के लिए एनडीए को जिताएं” — नीतीश का संदेश
मुख्यमंत्री ने हर सभा में लोगों से अपील की कि वे बिहार में विकास की निरंतरता बनाए रखने के लिए एनडीए के प्रत्याशियों को जीत दिलाएं। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार विकासात्मक कार्य चले हैं और एनडीए की सरकार बनने पर इन योजनाओं की गति और तेज होगी।
सभाओं में उमड़ी भारी भीड़, गूंजे “फिर से नीतीश” के नारे
नीतीश कुमार की सभाओं में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सभाओं के दौरान उन्होंने जनता से पूछा—
“क्या आप सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं?”
कई जगहों पर जनता ने जोरदार समर्थन दिया और “फिर से नीतीश” के नारे लगे।
राजनीतिक संदेश: अब भी एनडीए का सबसे भरोसेमंद चेहरा
नीतीश कुमार के इस व्यापक दौरे ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर यह संदेश दिया है कि—
- एनडीए के भीतर वे अब भी सबसे स्वीकार्य और भरोसेमंद चेहरा हैं।
- उनकी पहचान एक शांत, संतुलित और विकास-उन्मुख प्रशासक की है।
- जनता के बीच उनकी पकड़ और सीधा जुड़ाव अब भी मजबूत है।
चुनावी इतिहास में दर्ज हुआ नीतीश का दौरा
राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों को कवर करने वाली उनकी यह यात्रा और 84 सभाएं चुनाव प्रचार के इतिहास में एक उल्लेखनीय रिकॉर्ड मानी जा रही हैं।
इससे यह भी संकेत मिला है कि मुख्यमंत्री अभी भी जनता आधारित राजनीति में विश्वास रखते हैं और विकास के एजेंडे पर चुनाव लड़ना चाहते हैं।


