3 साल तक रही घरेलू हिंसा फिर पति को तलाक देकर की नई शुरुआत, आज हैं एक पुलिस अफसर

शादी के बाद किसी भी लड़की के लिए उसका ससुराल पति सब कुछ होता है. लेकिन क्या हो जब शादी के कुछ ही दिनों के बाद भी पति और पत्नी के बीच खटपट होने लगे और मामला मारपीट तक पहुंच जाए. जब कोई बेटी अपने माता-पिता से ससुराल वालों की शिकायत करती है तो परिवार वालों का कहना होता है कि किसी तरह एडजस्ट करो. सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा. सवाल उठता है कि अगर मामला ठीक ही होना हो तो बिगड़े क्यों. आज की हमारी कहानी एक ऐसी ही पुलिस अफसर बिटिया की है जिसके पति ने उसे तलाक दे दिया. हिम्मत हारने के बदले उसने जमकर संघर्ष किया और सफलता का परचम लहरा दिया.

 

केरल की नौजिशा बताती है कि मैं कोझीकोड की रहने वाली हूं. विवाह के बाद मैंने लाखों सपने सजाए और ससुराल चली आई. लेकिन यहां सब कुछ उल्टा हुआ. प्यार देने के बदले पति ने दूध करना शुरू कर दिया. आलिंगन करने के बदले मारपीट होने लगी. एक दिन तंग आकर मैं आत्महत्या करने तक का फैसला ले लिया. मैं मानसिक तौर पर कमजोर हो चुकी थी आप कह सकते हैं कि डिप्रेशन में जा चुकी थी.

 

नौजिशा ने कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA) में मास्टर्स किया है और शादी से पहले एक गेस्ट लेक्चरर के तौर पर काम करती थीं। फिर साल 2013 में उनकी शादी हुई और यहीं से उनके जीवन में परेशानियों का दौर शुरू हो गया। नौजिशा शादी के बाद भी नौकरी करना चाहती थीं। शादी से पहले तो उनका पति उनकी बात पर राज़ी था, लेकिन शादी के बाद उसने नौजिशा को घर पर रहने को ही कहा।

 

साल 2016 में 3 साल तक प्रताड़ना झेलने के बाद, अपने 1 साल के बेटे के साथ उन्होंने पति का घर छोड़ दिया। इस फैसले में उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया। तलाक के बाद नौजिशा ने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला लिया और दोबारा लेक्चरर की नौकरी शुरू की।

 

नौजिशा ने केरल पुलिस स्पेशल रिक्रूटमेंट की परीक्षा दी और सफलता हासिल कर सिविल पुलिस फोर्स में शामिल हो गईं। आज नौजिशा अपनी मेहनत और जुनून से केरल में पुलिस अफ़सर के तौर पर काम कर रही हैं और लोगों को सुरक्षित रखने का ज़िम्मा अपने कंधों पर उठाया है.

  • ये भी पढ़े..

    ‘कॉकरोच’ कहने का जवाब सड़क पर! CJP आंदोलन ने दिल्ली की सियासत में मचाई हलचल

    Share Add as a preferred…

    जीविका में 2,446 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री बोले- हर गरीब परिवार तक रोजगार और सशक्तिकरण पहुंचाना लक्ष्य

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *