
पटना, 28 जुलाई 2025 — बिहार में ग्रामीण विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना (MMGSY) के तहत 2944 किमी लंबी 824 नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इन सड़कों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है।
इससे पहले इस योजना के अंतर्गत 445 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिनकी कुल लंबाई 2148 किमी है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क, रोजगार, बाजार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
गांवों की बदली तस्वीर, मिला विकास का रास्ता
यह योजना केवल कनेक्टिविटी का माध्यम नहीं, बल्कि गांवों की आर्थिक धड़कन बन चुकी है। नई सड़कों ने हजारों गांवों को हर मौसम में निर्बाध आवागमन, स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों तक आसान पहुंच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इससे सामाजिक सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिला संबल
इस योजना से स्थानीय स्तर पर हजारों रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। किसानों को अब अपनी फसलें समय पर बाजार तक पहुंचाने की सुविधा मिली है, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहे हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी प्रवाह बढ़ा है और दुग्ध व्यवसाय, ग्रामीण पर्यटन और लघु व्यापार जैसे क्षेत्रों को भी इससे लाभ पहुंचा है।
इन जिलों में सबसे अधिक प्रगति
| जिला | निर्मित सड़क की लंबाई (किमी) |
|---|---|
| समस्तीपुर | 137.36 किमी |
| मधुबनी | 135.36 किमी |
| दरभंगा | 115.48 किमी |
| गया | 110.79 किमी |
| पश्चिम चंपारण | 88.86 किमी |
“हर सड़क है विकास की रेखा” — ग्रामीण कार्य मंत्री
ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा:
“मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना गांवों की जीवनरेखा बन चुकी है। यह योजना रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास से सीधे जुड़ी हुई है। आने वाले महीनों में शेष स्वीकृत सड़कों का निर्माण भी तेजी से पूरा कर लिया जाएगा।”
मुख्य बिंदु:
- अब तक पूर्ण सड़कों की लंबाई: 2148 किमी
- नई स्वीकृत सड़कों की लंबाई: 2944 किमी
- कुल सड़कों की संख्या: 824
- स्थानीय रोजगार, कृषि और व्यापार को मिलेगा सीधा लाभ


