बिहार में 26 हजार पदों पर होगी बहाली, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों-कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी

पटना: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां करने जा रही है। इसके तहत करीब 26 हजार पदों पर बहाली की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। सरकार का लक्ष्य वर्ष के अंत तक भर्ती प्रक्रिया को पूरा करना है।

रिक्त पदों को भरने की तैयारी तेज

उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार राज्य के विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के पदों की पहचान कर ली गई है। विभाग भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है, ताकि शैक्षणिक संस्थानों में मानव संसाधन की कमी दूर की जा सके।

6,600 से अधिक व्याख्याताओं की होगी नियुक्ति

भर्ती अभियान के पहले चरण में राज्य के 13 विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों में लगभग 6,600 व्याख्याताओं (लेक्चरर) की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही 11 हजार से अधिक गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के पदों पर भी बहाली की जाएगी।

नए डिग्री कॉलेजों में भी मिलेगा रोजगार

राज्य सरकार द्वारा 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इन कॉलेजों में कुल 9,284 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

इनमें शामिल हैं:

  • 6,752 शिक्षक पद
  • 2,532 गैर-शैक्षणिक कर्मचारी पद

सरकार इन पदों के सृजन को पहले ही मंजूरी दे चुकी है।

कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी

वर्तमान में बिहार के कॉलेजों में शिक्षकों की गंभीर कमी बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:

विवरणस्वीकृत पदकार्यरतरिक्त
शिक्षक12,4115,8006,611
गैर-शैक्षणिक कर्मचारी16,5575,58310,974

लंबे समय से नियुक्तियां नहीं होने के कारण कई संस्थानों में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

पढ़ाई और सत्र पर पड़ रहा असर

शिक्षकों की कमी के कारण कई कॉलेजों में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। समय पर पाठ्यक्रम पूरा नहीं होने से शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहे हैं। कई संस्थानों में सत्र एक वर्ष या उससे अधिक पीछे चल रहा है।

इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। परीक्षा और परिणाम में देरी होने से छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

छात्रों और युवाओं को मिलेगा लाभ

सरकार का मानना है कि नई नियुक्तियों से कॉलेजों में पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। वहीं बड़ी संख्या में होने वाली भर्तियों से राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

मंत्री ने क्या कहा?

उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में निर्बाध शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है और जल्द ही युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

यदि भर्ती प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है, तो यह बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में वर्षों बाद होने वाली सबसे बड़ी नियुक्तियों में से एक साबित हो सकती है।

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