
पटना | बिहार में बढ़ते अपराध पर सख्ती दिखाते हुए पुलिस मुख्यालय ने हत्या, रंगदारी, गोलीबारी और अन्य संगीन मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 29 कुख्यात अपराधियों पर ₹25-25 हजार का इनाम घोषित किया है। इन सभी की गिरफ्तारी के लिए राज्यभर में विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है।
गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि इन इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बाहुबली विधायक के काफिले पर हमला करने वाले भी सूची में
इनामी अपराधियों की सूची में हाल के दिनों में बाहुबली विधायक के काफिले पर हमले के मामले में चर्चित सोनू कुमार और सौरभ कुमार का नाम भी शामिल है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि इनाम घोषित होने के बाद इनके बारे में अहम सूचनाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी।
इनाम घोषित होते ही पुलिस को मिली सफलता
इनाम की घोषणा के बाद पुलिस ने दो फरार अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता भी हासिल की है।
- कदमकुआं थाना पुलिस ने रवि कुमार उर्फ रवि यादव को गिरफ्तार किया।
- रामकृष्ण नगर थाना पुलिस ने धीरज कुमार को दबोच लिया।
इन अपराधियों पर घोषित हुआ इनाम
सूची में शामिल प्रमुख नामों में—
- कृष्ण सहनी उर्फ भगेलू भोजपुरी
- साधु यादव उर्फ शंकर
- चंदन कुमार उर्फ बंटी
- मोहम्मद हुसैन
- मोहम्मद तौफीक
- राहुल कुमार उर्फ राहुल यादव
- शिवा डोम
- अमर प्रसाद सोनी
- प्रियदर्शी यादव
- सुदामा सिंह
- मुर्शीद अहमद
- धीरज कुमार
- विशाल पासवान
- सौरभ कुमार
- सोनू कुमार
- सोनू सिंह
- पुष्कर आनंद झा
- रवि कुमार उर्फ रवि यादव
- अमित कुमार
- बिट्टू कुमार उर्फ रोशन
- राजू उर्फ समीर सिंह उर्फ अजय सिंह
- समीर कुमार उर्फ करण
- विशाल कुमार सिंह
- रविशंकर कुमार
- बजरंगी उर्फ रविशंकर
- विश्वनाथ सिंह
- मोहम्मद पप्पू खान उर्फ जावेद खान
- शेखू खान
जैसे कई फरार अपराधियों के नाम शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल का अपराधी भी सूची में
पुलिस द्वारा जारी सूची में न्यू जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) निवासी राजू उर्फ समीर सिंह उर्फ अजय सिंह का नाम भी शामिल है। इससे साफ है कि अभियान केवल बिहार तक सीमित नहीं है और अंतरराज्यीय अपराधियों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने जनता से मांगा सहयोग
पुलिस मुख्यालय ने आम लोगों से अपील की है कि यदि इन इनामी अपराधियों के बारे में कोई भी सूचना मिले तो तुरंत स्थानीय पुलिस को जानकारी दें।
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से फरार अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी आएगी और राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।


