सृजन घोटाला : एनवी राजू को सुप्रीम कोर्ट से बेल, लेकिन जेल में ही रहेंगे

सृजन घोटाला के आरोप में जेल में बंद कारोबारी एनवी राजू को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने एसएलपी स्वीकार करते हुए जमानत दे दी। बीते साल 25 जुलाई को इसी मामले में जस्टिस सुनील कुमार पनवार की अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।

मामला भागलपुर के तत्कालीन डीएम के फर्जी दस्तखत से बैंक से चेक द्वारा राशि निकासी से जुड़ा है। इस मामले में सीबीआई ने मुख्य आरोपी का सहयोगी बताते हुए बेल नहीं देने की मांग की थी। जबकि राजू के वकील ने तर्क दिया था कि किसी भी जांच रिपोर्ट में सीबीआई यह प्रमाणित नहीं कर पायी कि चेक पर दस्तखत एनवी राजू के थे। किसी सीएसएलएल रिपोर्ट में राजू के दस्तखत की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि एक साल पहले जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। फिलहाल कारोबारी बेऊर जेल में ही रहेंगे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एनवी राजू पर कुल 8 मामले में चार्जशीट किया था। छह मुकदमे में पूर्व में जमानत मिल गई थी। एनवी राजू 24 फरवरी 2022 से जेल में बंद हैं। एनवी राजू पर आरोप है कि उसने भागलपुर के तत्कालीन डीएम के फर्जी दस्तखत से 15.50 करोड़ रुपये सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड (एसएमवीएसएसएल) के खाते में जमा कराए।

बिपिन शर्मा की पत्नी रूबी को भी मिली राहत

इधर, घोटाले की सह आरोपी रूबी कुमारी को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस चंद्रशेखर झा की अदालत ने रूबी को ट्रायल कोर्ट में फिजिकल अपीयरेंस (स्वयं उपस्थिति) से मुक्ति दी है। रूबी के वकील उदय प्रताप सिंह ने मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए स्वास्थ्य संबंधी समस्या की जानकारी दी। कोर्ट ने रूबी की मेडिकल रिपोर्ट देखकर फिजिकल अपीयरेंस से मुक्त कर दिया।

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