विक्रमशिला एक्सप्रेस में अकेले सफर कर रहे बालक की बची सुरक्षा, भागलपुर के TTI की सतर्कता आई काम

भागलपुर/मालदा, 22 जून 2026। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने एक बार फिर यात्री सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। 12367 विक्रमशिला एक्सप्रेस में अकेले यात्रा कर रहे एक बालक की सुरक्षा सुनिश्चित कर रेलवे कर्मचारियों ने बड़ी जिम्मेदारी निभाई।

यह घटना रविवार, 22 जून की है, जब ट्रेन में टिकट जांच के दौरान भागलपुर के टिकट जांच कर्मियों ने एक बालक को अकेले और घबराई हुई स्थिति में देखा। बालक बेहद परेशान और भयभीत दिखाई दे रहा था, जिसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल स्थिति को गंभीरता से लिया।

TTI की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

टिकट जांच के दौरान टीटीआई अश्विनी कुमार और टीटीआई मनीष कुमार राय की नजर बालक पर पड़ी। बातचीत करने पर बालक ने बताया कि वह बिना माता-पिता को बताए घर से निकल आया है और अकेले ट्रेन से यात्रा कर रहा है।

बालक की स्थिति को समझते हुए दोनों टिकट जांच कर्मियों ने तत्काल उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की और मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।

मालदा, दानापुर कंट्रोल और चाइल्ड हेल्पलाइन को दी सूचना

बालक की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत:

  • वाणिज्य नियंत्रण कक्ष, मालदा मंडल
  • वाणिज्य नियंत्रण कक्ष, दानापुर मंडल
  • पटना स्थित चाइल्ड हेल्पलाइन

को सूचना देकर आवश्यक समन्वय स्थापित किया।

रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण बालक को सुरक्षित निगरानी में रखा गया और पूरी यात्रा के दौरान उसकी देखरेख सुनिश्चित की गई।

पटना में चाइल्ड हेल्प केयर को सौंपा गया बालक

ट्रेन के पटना पहुंचने पर बालक को आरपीएफ पटना की मौजूदगी में सुरक्षित रूप से चाइल्ड हेल्प केयर को सौंप दिया गया, ताकि आगे आवश्यक कानूनी और सामाजिक प्रक्रिया पूरी की जा सके।

इस दौरान रेलवे, आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला।

रेलवे अधिकारियों ने की सराहना

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने भागलपुर के टिकट जांच कर्मचारियों की सतर्कता और संवेदनशीलता की सराहना की।

उन्होंने कहा:

“समय पर किया गया यह हस्तक्षेप यात्रियों के कल्याण और बाल सुरक्षा के प्रति भारतीय रेल की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता का उदाहरण

यह घटना दर्शाती है कि रेलवे कर्मचारी केवल टिकट जांच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और मानवीय जिम्मेदारियों को भी पूरी गंभीरता से निभा रहे हैं।

मालदा मंडल ने अश्विनी कुमार और मनीष कुमार राय के प्रयासों पर गर्व जताते हुए कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई से एक असुरक्षित बालक की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।

यह घटना रेलवे कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा, सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

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