‘रेमल’आधी रात पश्चिम बंगाल के तट से टकराएगा,120 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी रफ्तार, बिहार तक रहेगा असर

नई दिल्ली: उत्तर भारत के कई शहरों में गर्मी अपने शबाब पर है। दिल्ली सहित कई प्रदेशों में लोगों का हाल बेहाल है। इस बीच एक और तूफान दस्तक देने को है। इस तूफान को रेमल नाम दिया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि यह आज रात पश्चिम बंगाल के पास टकराएगा। उस वक्त इसकी रफ्तार 120 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। इसका असर पश्चिम बंगाल से लेकर बिहार तक दिखाई दे सकता है। कोलकाता में इसके असर को देखते हए एयरोर्च पर आज दोपहर बाद से 21 घंटे के लिए फ्लाइट्स के उड़ान पर भी रोक लगा दी जाएगी। आइए आपको बताते हैं कि इस तूफान से देश के बाकी राज्यों के मौसम पर क्या असर पड़ेगा। इससे किस तरह के खतरे की आशंका हो सकती है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्री, डॉ किरेन रिजिजू ने ट्वीट किया कि बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग में बना चक्रवाती तूफान रेमल पिछले 6 घंटों में लगभग 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा है। यह खेपुपारा (बांग्लादेश) से करीब 260 किमी दक्षिण-पश्चिम, मोंगला (बांग्लादेश) से 310 किमी दक्षिण, सागर द्वीप समूह (पश्चिम बंगाल) से 240 किमी दक्षिण-पूर्व और कैनिंग (पश्चिम बंगाल) से 280 किमी दक्षिण-पूर्व में है।

रेमल को लेकर क्या है तैयारी?

भारतीय तटरक्षक बल ने चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए तैयारियां की हैं। समुद्र में जान माल के संभावित नुकसान को कम करने के लिए नौ आपदा राहत टीमों को लगाया गया है। एनडीआरएफ ने 12 टीमों को तैनात किया है और पांच अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। जहाजों और विमानों के साथ सेना, नौसेना की बचाव व राहत टीमें भी तैयार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 26 और 27 मई को पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों में इस चक्रवाती तूफान की वजह से काफी अधिक बारिश होगी।

कितना खतरनाक होगा रेमल,उड़ाने भी प्रभावित

मौसम विभाग कार्यालय ने 26-27 मई को पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। तूफान के समुद्र तट से टकराने के समय तटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के निचले इलाकों में 1.5 मीटर तक की तूफानी लहर उठने की आशंका है।कोलकाता हवाई अड्डे के अधिकारियों ने चक्रवाती तूफान रेमल के संभावित प्रभाव को देखते हुए रविवार दोपहर से 21 घंटे के लिए उड़ानों का परिचालन निलंबित करने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय (NSCBI) हवाई अड्डे के हितधारकों की शनिवार को हुई एक बैठक के बाद यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

एनएससीबीआई हवाई अड्डे के निदेशक सी पट्टाभि ने एक बयान में कहा, ‘कोलकाता सहित पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात रेमल के प्रभाव को देखते हुए हितधारकों के साथ एक बैठक की गई और कोलकाता में तेज हवाओं और भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के कारण 26 मई को दोपहर 12 बजे से 27 मई को सुबह नौ बजे तक उड़ानों के परिचालन को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। ’

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