नेवी कमांडोज ने सुरक्षित निकाले सभी 21 क्रू मेंबर्स, अरब सागर में हाईजैक किया गया था जहाज

भारतीय मालवाहक जहाज एमवी लीला नॉरफॉक से सभी 21 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

HIGHLIGHTS

  • जहाज से सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित निकाले गए
  • मालवाहक जहाज को हाइजैक करने की हुई थी कोशिश
  • नौसेना के विशेष कमांडोज ने 21 क्रू मैंबर्स की बचाई जान

भारतीय नौसेना के विशेष कमांडोज ने अरब सागर में हाईजैक हुए जहाज से सभी 21 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया है. इन क्रू मेंबर्स में 15 भारतीय भी शामिल हैं. कार्गो शिप एमवी लीला नॉरफॉक के अपहरण की खबर मिलते ही युद्धपोत आईएनएस चेन्नई सोमालिया तट के पास अपहृत जहाज के पास पहुंच गया. उसके बाद नौसेना का विशेष कमांडोज ने अभियान चलाकर सभी क्रू मेंबर्स को निकाल लिया।

इससे पहले भारतीय नौसेना ने समुद्री लुटेरों को अपहृत जहाज को छोड़ने की चेतावनी दी थी. सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, जहाज पर सवार भारतीय दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं. उन्होंने बताया कि लुटेरों ने सीधी बात नहीं मानी तो मरीन कमांडो मार्कोस ऑपरेशन के लिए तैयार हैं. बता दें के भारतीय मालवाहक जहाज ‘एमवी लीला नॉरफॉक’ को गुरुवार शाम सोमालिया के तट के पास अपहरण कर लिया गया था.  इस जहाज पर 15 भारतीयों समेत 21 क्रू मेंबर्स सवार थे।

हथियार लेकर जहाज पर सवार हुए थे अज्ञात अपहरणकर्ता

नौसेना के एक प्रवक्ता के मुताबिक, भारतीय नौसेना ने अरब सागर में इस समुद्री घटना पर त्वरित एक्शन लिया और सभी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया. उन्होंने बताया कि लाइबेरिया के ध्वज वाले जहाज को किडनैप करने की कोशिश की गई थी.  उसके बाद जहाज ने यूकेएमटीओ पोर्टल पर एक संदेश भेजा गया. जिसमें कहा गया कि लगभग पांच से छह अज्ञात सशस्त्र लोग जहाज पर सवार हो गए हैं. जैसे ही कार्गो शिप से किटनैप करने का संदेश प्राप्त हुआ भारतीय नौसेना हरकत में आ गई. नौसेना के अधिकारी ने बताया कि उसके बाद नौसेना के समुद्री गश्ती विमान ने जहाज के ऊपर से उड़ान भरी और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उनसे संपर्क स्थापित किया।

बता दें कि सबसे पहले इस घटना की रिपोर्ट यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने गुरुवार को की थी. यूके मैरीटाइम ट्रेड एक ब्रिटिश सैन्य संगठन है. जिसका काम रणनीतिक जलमार्गों में विभिन्न जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखना है. बता दें कि पिछले महीने हुई जहाजों पर हमले की घटनाओं के बाद नौसेना ने समुद्र में कई युद्धपोत तैनात किए हैं. इन घटनाओं में भारत के तट के पास एक जहाज पर हुआ ड्रोन हमला भी शामिल है. जिसके लिए अमेरिका ने ईरान को दोषी माना था।

लाल सागर में बदला गया कई जहाजों का मार्ग

भारतीय मालवाहक जहाज ‘एमवी लीला नॉरफॉक’ पर ऐसे हमला में हमला किया गया जब जब लाल सागर में कई जहाजों के रास्ते बदले गए हैं. क्योंकि इस समुद्री इलाके में यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही जहाजों पर लगातार ड्रोन से हमला कर रहे हैं. ये विद्रोगी गाजा में फिलिस्तीनियों पर हो हमलों के चलते जहाजों को निशाना बना रहे हैं।

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