निशिकांत दुबे : गोड्डा के मैदान में जीत का चौका लगाने की कोशिश

देवघर। झारखंड के गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर जीत की हैट्रिक लगा चुके वर्तमान सांसद डॉ. निशिकांत दुबे लगातार चौथी बार गोड्डा से चुनावी समर में उतरे हैं। राज्य की राजनीति के बड़े चेहरे के रूप में उन्हें भाजपा का फायरब्रांड नेता माना जाता है। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में बड़ी भूमिका निभाने वाले निशिकांत कॉरपोरेट घरानों में महत्वपूर्ण पद संभालने के साथ सियासत की दुनिया में भी बुलंदी पर रहे हैं।

परिचय

आयु 55 वर्ष

जन्मस्थान देवघर

शिक्षा  एमबीए, पीएचडी

सभी दलों के नेताओं से अच्छे संबंध रखने के बावजूद विपक्ष पर हमलावर होने में निशिकांत का पहला नाम आता है। वह संतालपरगना में झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन और उनके परिवार के खिलाफ भी खुलकर सामने आते रहे। उन्होंने भ्रष्टाचार में संलिप्तता उजागर करने के साथ नेता-अधिकारियों के खिलाफ भी आवाज बुलंद की है। बीच-बीच में निशिकांत अपनी पार्टी की सरकार को लेकर भी मुखर रहकर सुर्खियों में रहे।

संघ की नीतियों से प्रभावित रहे निशिकांत दुबे युवावस्था से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नीतियों से प्रभावित रहे। एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले दुबे ने पढ़ाई के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर संघ की नीतियों को आत्मसात किया। राजनीति से लगाव के बावजूद पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी पर ध्यान केंद्रित किया। एक निजी कंपनी में निदेशक के पद पर रहते हुए उन्होंने अपने काम से कॉरपोरेट घरानों में अच्छी धाक बना ली। इस बीच निशिकांत संतालपरगना में संघ व भाजपा को खड़ा करने में बड़ी भूमिका निभाने वाले अपने मामा देवघर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एन. मिश्रा से राजनीति के गुर भी सीखते रहे।

वरिष्ठ भाजपा नेताओं से करीबी संबंध अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, प्रमोद महाजन सरीखे भाजपा के बड़े नेताओं के करीबी माने जाने वाले निशिकांत को पार्टी पहले गृह क्षेत्र भागलपुर से चुनावी समर में उतारना चाहती थी, लेकिन उस समय की परिस्थितियों के कारण उन्हें टिकट नहीं मिल सका।

निशिकांत दुबे : गोड्डा के मैदान में जीत का चौका लगाने की कोशिश

2009 आम चुनाव में पार्टी ने अंतिम समय मे उन्हें गोड्डा से टिकट दिया। लोकसभा व स्थानीय संगठन में नया नाम होने के कारण उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद कॉरपोरेट घरानों के गुर का राजनीति में समावेश करते हुए उन्होंने दिग्गज कांग्रेस उम्मीदवार फुरकान अंसारी को मात देकर खुद को मैनेजमेंट गुरु साबित किया।

बेबाक बोलने वाले सांसद के रूप में पहचान

लोकसभा क्षेत्र से लेकर सदन तक बेबाक बोलने वाले सांसद के रूप में खुद को स्थापित करने वाले भाजपा के दिग्गज नेता निशिकांत दुबे के सामने इस लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में प्रदीप यादव मैदान में हैं।

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