भागलपुर : सिपाही नीतू मामले में सिपाही सूरज पर केस दर्ज, गिरफ्तार

भागलपुर : पुलिसलाइन में महिला सिपाही नीतू के क्वार्टर से पांच शव बरामद होने के मामले में उसके साथ एसएसपी कार्यालय में डीसीबी शाखा में क्राइम इंडिया भागलपुर के लिए काम करने वाले सिपाही सूरज पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया और बुधवार को कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया।

उस दर्दनाक घटना में दो केस दर्ज किए गए हैं। पहला केस नीतू के मामा नागेंद्र ठाकुर के बयान पर दर्ज किया गया है जिसमें उन्होंने नीतू के पति पंकज पर चारों की गला रेतकर हत्या के बाद फंदे से लटककर आत्महत्या का आरोप लगाया गया है। दूसरा केस इशाकचक थानेदार इंस्पेक्टर उत्तम कुमार के बयान पर दर्ज किया गया है जिसमें सिपाही सूरज कुमार ठाकुर पर हत्या के उकसाने का आरोप लगाया गया है। जेल भेजा गया आरोपी सिपाही सूरज किशनगंज जिले के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के भातढाला का रहने वाला है। गौरतलब है कि मंगलवार की सुबह पुलिसलाइन में महिला सिपाही नीतू के सरकारी क्वार्टर सीबी 38 से नीतू, उसके पति पंकज, उनके दोनों बच्चे शिवांश और श्रेया के साथ ही पंकज की मां आशा देवी का शव बरामद किया गया था। पंकज का शव फंदे से लटका मिला था जबकि बाकी चारों का गला रेता गया था। सूरज की गिरफ्तारी को लेकर भागलपुर पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी किया है पर उसमें सूरज को सिपाही तक नहीं बताया गया है।

सुसाइड नोट की राइटिंग का 2015 की डायरी से मिलान किया, सूरज के मोबाइल से मिले सबूत 

मंगलवार को नीतू के क्वार्टर से पांचों शव बरामद करने के दौरान ही उसके पति पंकज का सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था। उसने सुसाइड नोट में लिखा था कि उसकी पत्नी ने दोनों बच्चे और उसकी मां की गला रेतकर हत्या कर दी। जब वह जगा और उन सभी को देखा तो उसने भी नीतू का गला रेतकर और ईंट से कूचकर मार डाला और खुद मरने जा रहा है। उसने सुसाइड नोट में ही सिपाही सूरज का जिक्र किया था और लिखा था कि नीतू का उससे अवैध संबंध है। पुलिस ने पंकज के सुसाइड नोट को उसकी दूसरी लेखनी से मिलान किया है। वर्ष 2015 की सूरज की एक कॉपी मिली है जिससे सुसाइड नोट का मिलान किया गया है जिसमें दोनों एक जैसी लिखावट दिखी। उधर मंगलवार को ही हिरासत में लिए गए सूरज के जब्त किए गए मोबाइल में उसके और नीतू के बीच के संबंध को लेकर कई सबूत मिले जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। सूरज एसएसपी कार्यालय के डीसीबी शाखा में कार्यरत है और उसी कार्यालय में आरटीआई में नीतू कार्यरत थी।

पंकज-नीतू का परिवार बहुत खुशहाल था अनामिका

पड़ोसी अनामिका ने बताया कि पंकज और नीतू का परिवार बहुत खुशहाल था। नीतू की सास आशा देवी के एक हाथ में पैरालाइसिस था। वह अक्सर कहती थी कि नीतू उनकी बेटी की तरह है। नीतू जब कई दिन तक बच्चे और पति को छोड़कर बाहर रहती थी तो उसकी सास से काम करना मुश्किल हो जाता था। कई बार उनके कहने पर रोटी बनाकर भी देती थी। नीतू ने सोमवार को ही बीच सड़क पर पंकज से कह दिया था कि दोनों बच्चे से उसे मतलब नहीं है, वे जाने। इसपर पंकज ने कहा था कि ठीक है हम देखभाल करेंगे बच्चे का।

पंकज बहुत सीधा और सरल लड़का था आनंद

पड़ोस के आनंद ने बताया कि पंकज नीतू के साथ रहता था। मैं ड्यूटी से आता था तो पंकज से मुलाकात होती थी। वह बहुत सीधा और सरल लड़का था। सोमवार की रात में भी मैं लगभग साढ़े ग्यारह बजे ड्यूटी से लौटा। लौटने के बाद कुछ देर तक क्वार्टर के बाहर टहलता रहा। रात 12 बजे के बाद सोने चला गया। हम जिस कमरे में सो रहे थे वह नीतू के क्वार्टर से थोड़ा अलग है। इस वजह से भी हमें घटना की भनक नहीं लग सकी। इतनी बड़ी घटना हो जाएगी, यह तो हमने कभी नहीं सोचा था। नीतू के बच्चे हमारे घर पर खेलते रहते थे।

बक्सर पहुंचने के बाद वहीं पांचों के शव का हुआ दाह-संस्कार

नीतू, उसके पति पंकज, बच्चे शिवांश और श्रेया के साथ ही पंकज की मां आशा देवी के शव का मंगलवार की देर रात दो बजे तक पोस्टमार्टम करा दिया गया। कागजी प्रक्रिया पूरी होने और पुलिस को अपना बयान देने के बाद सुबह लगभग साढ़े चार बजे नीतू के मामा नागेंद्र ठाकुर सभी शव को लेकर बक्सर चले गए। दोपहर लगभग ढाई बजे वे शव के साथ बक्सर पहुंचे जिसके बाद वहीं पर सभी शव का दाह संस्कार कराया गया।

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