
पटना जिले के संपतचक के तत्कालीन अंचल अधिकारी नंदकिशोर प्रसाद निराला को विभागीय कार्रवाई के तहत दो वेतनवृद्धि पर रोक का दंड दिया गया है। पटना के जिलाधिकारी की अनुशंसा पर वर्ष 2022 में उन्हें निलंबित किया गया था। करीब तीन साल चली जांच के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने यह दंडादेश जारी किया है। वर्तमान में निराला सुपौल जिले में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
निजी कार्यालय खोलकर अवैध वसूली का आरोप
जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2022 में नंदकिशोर प्रसाद निराला को निलंबित किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने अधिकृत अंचल कार्यालय के अतिरिक्त एक गोपनीय कार्यालय खोल रखा था, जहां राजस्व कर्मचारी और कार्यपालक सहायक की मिलीभगत से अवैध वसूली का धंधा चलाया जा रहा था।
शिकायत मिलने के बाद 19 नवंबर 2022 को पटना सदर के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पत्रकार नगर स्थित एक होटल के बगल के मकान में अवैध रूप से अंचल कार्यालय संचालित होते पाया गया। वहां से अंचल कार्यालय से जुड़े कई सरकारी दस्तावेज बरामद हुए। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह पूरा काम संपतचक के तत्कालीन सीओ की जानकारी और संरक्षण में चल रहा था।
जमीन हेराफेरी में भी संलिप्तता
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक रैयत की 6.5 कट्ठा जमीन को कुछ लोगों ने अवैध तरीके से अपने नाम करवा लिया था, जिसमें तत्कालीन सीओ की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इस मामले को भी विभागीय जांच में शामिल किया गया।
जुलाई 2025 में सौंपी गई जांच रिपोर्ट
निलंबन के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विभागीय कार्यवाही शुरू की और पटना के अपर समाहर्ता को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी ने जुलाई 2025 में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने 2 फरवरी को आदेश जारी करते हुए नंदकिशोर प्रसाद निराला की दो वेतनवृद्धि पर रोक लगाने का निर्णय लिया।
यह कार्रवाई सरकारी पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता के मामलों में विभाग की सख्ती को दर्शाती है।


