मुजफ्फरपुर, 20 जून 2025 — बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की हिरासत में मौत ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक युवक बालेंद्र राय को बुधवार को शराब रखने के आरोप में उत्पाद विभाग की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गुरुवार को कोर्ट ले जाते समय उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
परिजनों का आरोप: हिरासत में बेरहमी से पिटाई
बालेंद्र राय के परिजनों ने उत्पाद विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि युवक को हिरासत में बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि पुलिस ने थाने में अमानवीय तरीके से पिटाई की, और इसी वजह से बालेंद्र की हालत बिगड़ी।
“पुलिस ने उसे इतनी बुरी तरह पीटा कि उसके मुंह से खून निकलने लगा। हम न्याय चाहते हैं,” — मृतक के परिजन।
पुलिस का पक्ष: रास्ते में बिगड़ी तबीयत
उत्पाद विभाग की पुलिस ने अपनी सफाई में कहा है कि बालेंद्र की तबीयत कोर्ट ले जाते समय खराब हुई। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही स्थिति गंभीर लगी, उसे तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।
क्षेत्र में तनाव, ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
इस घटना के बाद भवानी डीह गांव और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की। लोग इस घटना को पुलिस बर्बरता का उदाहरण बता रहे हैं।
राजनीतिक तूफान: RJD ने नीतीश सरकार को घेरा
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस मामले को लेकर नीतीश कुमार सरकार और बिहार पुलिस को आड़े हाथों लिया है। पार्टी ने एक बयान में कहा:
“उत्पाद विभाग की पुलिस ने बालेंद्र राय को हिरासत में पीट-पीट कर मार डाला। यह सरकार की विफलता और बिहार पुलिस की बर्बरता का खुला उदाहरण है। अब बिहार में पुलिस खून की प्यासी हो गई है।”
RJD ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
क्या कहता है कानून?
बिहार में शराबबंदी कानून के तहत कई बार पुलिस पर ज़्यादा कठोरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। इस ताज़ा घटना ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अगला कदम क्या?
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि पिटाई से मौत की पुष्टि होती है, तो यह उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा कर सकती है।


