पत्नी से अवैध संबंध के संदेह में युवक की आंख में सटाकर मारी गोली; दरवाजे पर बैठे ट्रैक्टर चालक की बेरहमी से हत्या, पड़ोसी सरोज फरार

HIGHLIGHTS: ज्ञानपुर गांव में दिनदहाड़े ‘हॉरर’ शो; सनकी पति ने शक की आग में उजाड़ा पड़ोसी का सुहाग और अपना घर

  • सनसनीखेज वारदात: भोजपुर के गीधा थाना क्षेत्र के ज्ञानपुर गांव में शनिवार दोपहर को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला इलाका।
  • बेरहमी की इंतहा: 24 वर्षीय रवि कुमार के चेहरे पर सटाकर दागी गई गोली; दाहिनी आंख को चीरते हुए निकल गया बुलेट।
  • वजह: आरोपी सरोज कुमार को अपनी पत्नी और रवि के बीच अवैध संबंधों का था ‘अंधा शक’; पहले भी दे चुका था जान से मारने की धमकी।
  • पुलिस एक्शन: एसपी राज के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी की पत्नी को लिया हिरासत में; महिला ने पति की हैवानियत के खोले राज।
  • पलायन: वारदात को अंजाम देकर मुख्य आरोपी सरोज अपने साथियों के साथ फरार; पुलिस की टीमें दे रही हैं दबिश।

आरा / भोजपुर | 22 मार्च, 2026

​बिहार के भोजपुर जिले में शनिवार की दोपहर रिश्तों की मर्यादा और पड़ोस के भरोसे का कत्ल हो गया। गीधा थाना क्षेत्र के ज्ञानपुर गांव में एक 24 वर्षीय युवक, रवि कुमार, की उसके अपने ही घर के दरवाजे पर बैठकर सुस्ताने के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हत्या किसी पेशेवर रंजिश में नहीं, बल्कि ‘खूनी शक’ के उस बीज की वजह से हुई, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को मलबे में तब्दील कर दिया। आरोपी सरोज कुमार को संदेह था कि रवि का उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध है। इसी सनक में उसने रवि की जान ले ली। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की टीम इस वारदात की तह तक पहुँची ताकि आपको हकीकत से रूबरू करा सके।

दोपहर का सन्नाटा और ‘मौत’ की दस्तक

​घटना शनिवार (21 मार्च 2026) की दोपहर की है। रवि कुमार, जो पेशे से ट्रैक्टर चालक था और अपने परिवार का मुख्य आर्थिक आधार था, काम से लौटकर अपने घर के बाहर बैठा हुआ था। तभी पड़ोस में रहने वाला सरोज कुमार अपने कुछ हथियारबंद साथियों के साथ वहां पहुँचा। सरोज के हाथ में अवैध हथियार था और आंखों में खून सवार था।

​इससे पहले कि रवि खड़ा हो पाता या अपनी जान बचाने के लिए शोर मचाता, सरोज ने उस पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर बिल्कुल करीब आया और रवि के चेहरे को निशाना बनाया। एक गोली रवि की दाहिनी आंख में सटाकर मारी गई, जो सिर को पार कर गई। दूसरी गोली सिर के पिछले हिस्से में लगी। गोलियां लगते ही रवि लहुलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए भाग निकले। परिजन आनन-फानन में रवि को अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

बिना सबूत के रची गई ‘मौत’ की साजिश: भाई की जुबानी

​मृतक के बड़े भाई रामाकांत ने ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) को बताया कि यह हत्या पूरी तरह से सुनियोजित थी। रामाकांत के अनुसार, सरोज अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर अक्सर विवाद करता रहता था। उसे गांव के कई अन्य युवकों पर भी शक था, लेकिन पिछले कुछ समय से उसने रवि को निशाना बनाना शुरू कर दिया था।

​रामाकांत ने रोते हुए कहा, “सरोज के पास इन आरोपों का कोई ठोस प्रमाण नहीं था। वह केवल अपनी सनक में रवि पर झूठा आरोप लगाकर उसे पहले भी जान से मारने की धमकी दे चुका था। मेरा भाई सीधा-साधा था, वह दिन-भर ट्रैक्टर चलाकर हम सबका पेट पालता था। सरोज की पत्नी के साथ उसका कोई गलत रिश्ता नहीं था, पर उस जल्लाद ने बिना सोचे-समझे मेरे भाई की आंख फोड़ दी और उसे मार डाला।”

पुलिस हिरासत में आरोपी की पत्नी: हैवानियत के खुले राज

​भोजपुर पुलिस अधीक्षक (SP) राज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन गीधा थाना पुलिस को मौके पर भेजा। पुलिस ने घटनास्थल से खोखे बरामद किए हैं और एफएसएल की टीम ने भी नमूने लिए हैं। एसपी राज ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पूरी तरह से ‘अवैध संबंध’ के शक में की गई हत्या का लग रहा है।

​पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सरोज कुमार की पत्नी को हिरासत में ले लिया है। थाने में हुई पूछताछ के दौरान महिला ने पुलिस को बताया कि उसका पति सरोज मानसिक रूप से उसे प्रताड़ित करता था। महिला ने बयान दिया कि सरोज उस पर शक करता था और इसी शक की वजह से उसके साथ जानवरों की तरह मारपीट करता था। महिला के बयान से यह साफ हो गया कि सरोज अपनी हिंसक प्रवृत्ति और शक के कारण रवि को अपना दुश्मन मान बैठा था।

परिवार की रीढ़ था रवि: तीन भाइयों के बीच पसरा सन्नाटा

​रवि कुमार अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाला सबसे कर्मठ सदस्य था। वह तीन भाइयों और एक बहन में तीसरे नंबर पर था। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले रवि ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उसकी अपनी ही ईमानदारी और पड़ोस का रिश्ता उसकी मौत का कारण बनेगा। रवि की मौत के बाद उसके पिता हरेराम राय पूरी तरह टूट गए हैं। गांव में मातमी सन्नाटा है, क्योंकि रवि का व्यवहार सबके प्रति मिलनसार था।

VOB का नजरिया: क्या ‘संदेह’ ही अब समाज का कानून बनेगा?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि आरा की यह घटना समाज में घटते धैर्य और बढ़ते हिंसक व्यवहार का एक भयावह उदाहरण है।

  1. कानून का डर खत्म: दिनदहाड़े किसी के घर के बाहर आकर सीधे आंख में गोली मारना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ नहीं रहा।
  2. संवाद की कमी: अगर सरोज को कोई संदेह था, तो उसे कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए था या पंचायत के सामने बात रखनी चाहिए थी। ‘इंस्टेंट जस्टिस’ की चाहत ने उसे हत्यारा बना दिया और एक बेगुनाह की जान ले ली।
  3. पुलिस की चुनौती: गीधा थाना पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती फरार सरोज और उसके साथियों की जल्द गिरफ्तारी है। जब तक मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे नहीं जाता, गांव में तनाव बना रहेगा।

निष्कर्ष: इंसाफ की उम्मीद में ज्ञानपुर

​आज जब पूरा प्रदेश बिहार दिवस 2026 की खुशियाँ मना रहा है, आरा के ज्ञानपुर गांव में एक चिराग बुझ गया है। ट्रैक्टर के पहियों के साथ चलने वाली एक परिवार की रफ्तार अब थम गई है। पुलिस की छापेमारी जारी है और एसपी राज ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा दिलाई जाएगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और न्याय की मांग करता है।

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