
विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री Mukesh Sahani ने निषाद समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने का दावा किया है। उन्होंने घोषणा की कि बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के बाद अब पार्टी का विस्तार कर्नाटक में भी कर दिया गया है।
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए सहनी ने कहा कि निषाद समाज को आरक्षण दिलाने की लड़ाई पिछले 10-12 वर्षों से जारी है और जब तक दिल्ली की सत्ता में उनकी प्रभावी भागीदारी नहीं होगी, तब तक इस संघर्ष को पूरी सफलता नहीं मिलेगी।
कर्नाटक में VIP की एंट्री, 2028 चुनाव की तैयारी शुरू
मुकेश सहनी ने बताया कि कर्नाटक में 12 से 13 प्रतिशत निषाद समुदाय निवास करता है, जिन्हें वहां “गंगापुत्र” के नाम से जाना जाता है। पार्टी ने बी.के. मोहन को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है और उनके नेतृत्व में वर्ष 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि वीआईपी अब केवल बिहार तक सीमित पार्टी नहीं रहना चाहती, बल्कि सामाजिक न्याय और निषाद समाज के अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
राहुल गांधी को लेकर बड़ा बयान
सहनी ने दावा किया कि वर्ष 2029 में यदि Rahul Gandhi के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनती है तो निषाद समाज की आरक्षण संबंधी मांगों को न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए सहनी ने कहा कि देश इस समय महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते कर्ज जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान के बजाय प्रचार और राजनीतिक प्रबंधन में अधिक व्यस्त है।
उपेंद्र कुशवाहा के समर्थन में उतरे सहनी
बिहार की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए सहनी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से Upendra Kushwaha का समर्थन करते हुए कहा कि समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले नेताओं को दबाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
लालू यादव के मुद्दे पर भी बोले
राजद प्रमुख Lalu Prasad Yadav की सुरक्षा और सरकारी आवास से जुड़े विवाद पर सहनी ने कहा कि सरकार को राजनीतिक टकराव छोड़कर जनता के असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को परेशान कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है, जबकि इससे आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
सियासी संदेश साफ
कर्नाटक में संगठन विस्तार और 2028 चुनाव लड़ने की घोषणा के साथ मुकेश सहनी ने यह संकेत दे दिया है कि VIP अब बिहार से बाहर अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले समय में यह विस्तार बिहार की राजनीति पर भी असर डाल सकता है।


