विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: पटना में “विद्यालय-मानसिक कल्याण एवं उन्नति का स्थल” विषयक परिचर्चा का आयोजन

पटना, 10 अक्टूबर 2025: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर वर्ल्डबीइंग इंडिया फाउंडेशन, बिहार शिक्षा परियोजना और राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद्, पटना के सयुंक्त तत्वाधान में होटल मौर्या, पटना में “विद्यालय- मानसिक कल्याण एवं उन्नति का स्थल: संवाद एवं चिंतन” विषयक एक दिवसीय परिचर्चा आयोजित की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ वर्ल्डबीइंग इंडिया फाउंडेशन के स्टेट हेड श्री बिनोद कुमार ने सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए किया। परिचर्चा में राज्य के सभी शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय के सेवापूर्व प्रशिक्षुओं के लिए तैयार किए गए माड्यूल “मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण” का विमोचन किया गया। यह विमोचन श्रीमती सहिला (भा.प्र.से.), निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, बिहार, श्रीमती रश्मि प्रभा, संयुक्त निदेशक, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद्, श्रीमती लालिमा, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद्, श्रीमती नंदिता भाटला, कंट्री डायरेक्टर, वर्ल्डबीइंग इंडिया फाउंडेशन और डा. मोइन, पूर्व निदेशक, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद्, पटना के संयुक्त प्रयास से किया गया।

विमोचन के बाद मुख्य विषय प्रवेश में श्रीमती नंदिता भाटला ने मानसिक स्वास्थ्य को वैश्विक दृष्टिकोण में रेखांकित करते हुए बताया कि पहली बार इसे संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक परिषद में वैश्विक चिंता के रूप में मान्यता मिली। उन्होंने कहा, “No health, without mental health, any more।” उन्होंने राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् का आभार व्यक्त किया कि बिहार अब मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

कार्यक्रम में विचारधारा:

  • सजिया फातिमा, प्रभारी प्राचार्य, शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को बच्चों के अभिभावकों तक पहुँचाना आवश्यक है।
  • श्रीमती सहिला, निदेशक, प्राथमिक शिक्षा ने महिला और किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष पहल की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • श्रीमती रश्मि प्रभा, संयुक्त निदेशक ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को शैक्षिक संस्थानों में समायोजित करना सतत प्रक्रिया है, और शिक्षा को सहयोगपर आधारित बनाना चाहिए, प्रतियोगिता केंद्रित नहीं।
  • डॉ. मोइन खान, पूर्व निदेशक ने बताया कि वर्ल्डबीइंग इंडिया फाउंडेशन का कार्य केवल बिहार में ही नहीं, बल्कि झारखंड, असम और उत्तर पूर्वी राज्यों में भी प्रशंसनीय है।

कार्यक्रम में “पुस्तकों से परे – छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य क्यों आवश्यक है?” विषयक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसका संचालन श्री राफे हुसैन खान, आगा खान फाउंडेशन ने किया। पैनल में डॉ. प्रो. संतोष कुमार (नालंदा मेडिकल कॉलेज), डॉ. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी (पूर्व डीन, आर्यभट्ट विश्वविद्यालय), श्री अजित कुमार (लोक-स्वास्थ्य निदेशक, बिहार विद्यापीठ) और श्रीमती रश्मि प्रभा शामिल थे।

कार्यक्रम में बच्चों, शिक्षकों और विभिन्न प्राचार्यों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रचना और धन्यवाद ज्ञापन श्री बिनोद कुमार, स्टेट हेड, वर्ल्डबीइंग इंडिया फाउंडेशन द्वारा किया गया।

इस परिचर्चा ने राज्य में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को बढ़ावा देने और शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालयों में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


 

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