पटना के सभी गर्ल्स हॉस्टलों की सूची मांगी, महिला आयोग सख्त – जिलाधिकारी को एक सप्ताह में रजिस्टर्ड और गैर-रजिस्टर्ड छात्रावासों का ब्योरा देने का निर्देश

पटना में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बिहार राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने पटना के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जिले में संचालित सभी छात्राओं के छात्रावासों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस सूची में रजिस्टर्ड और गैर-रजिस्टर्ड दोनों तरह के हॉस्टल शामिल होंगे।

महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि पत्र प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर छात्रावासों की पूरी जानकारी आयोग की अध्यक्ष को उपलब्ध कराई जाए। आयोग के अनुसार, छात्राओं की सुरक्षा, सुविधाओं और निगरानी के लिहाज से यह जानकारी बेहद आवश्यक है।

बिना रजिस्टर्ड हॉस्टलों में अधिक खतरे की आशंका

महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने पत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया है कि पटना जिले में कुल कितने गर्ल्स हॉस्टल संचालित हो रहे हैं और उनमें से कितने अधिकृत रूप से पंजीकृत हैं। इसके साथ ही यह जानकारी भी मांगी गई है कि छात्रावासों में सुरक्षा और आधारभूत सुविधाएं नियमों के अनुसार उपलब्ध हैं या नहीं।

आयोग का कहना है कि बिना पंजीकरण के चल रहे हॉस्टलों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे बने रहते हैं और कई बार प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं होती।

छात्राओं की सुरक्षा प्रशासन और समाज की जिम्मेदारी

महिला आयोग ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि छात्रावासों की सूची आयोग कार्यालय के पास होना जरूरी है, ताकि किसी भी शिकायत या आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने कहा कि पढ़ाई के लिए घर से दूर रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा, रहन-सहन और मानसिक स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन और समाज दोनों की है। इसी उद्देश्य से छात्रावासों की नियमित निगरानी और सत्यापन आवश्यक है।

नीट छात्रा की मौत के बाद बढ़ी चिंता

महिला आयोग का यह कदम हाल के दिनों में छात्रावासों से जुड़े गंभीर मामलों के बाद उठाया गया है। पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे।

सुरक्षा सुविधाओं की भी मांगी गई जानकारी

आयोग ने जिलाधिकारी से यह भी अपेक्षा की है कि छात्रावासों की सूची के साथ यह जानकारी भी दी जाए कि वहां सीसीटीवी, वार्डन, सुरक्षा गार्ड, अग्निशमन व्यवस्था और आपातकालीन संपर्क सुविधाएं मौजूद हैं या नहीं। आयोग ने संकेत दिया है कि सूची मिलने के बाद जरूरत पड़ने पर छात्रावासों का निरीक्षण कराया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


 

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