पटरियों पर ‘नारी शक्ति’ की हुंकार! पूर्व रेलवे ने 31 वीरांगनाओं को किया सम्मानित; RPF जवान की बेटी बनी ‘UPSC स्टार’

कोलकाता | 09 मार्च, 2026:भारतीय रेलवे का चक्का अब केवल लोहे की पटरियों पर ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की नई ऊंचाइयों पर भी दौड़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में पूर्व रेलवे (Eastern Railway) ने सोमवार को कोलकाता स्थित अपने मुख्यालय ‘फेयरली प्लेस’ में एक भव्य समारोह आयोजित किया। इस दौरान रेल संचालन से लेकर सुरक्षा तक में अपनी धाक जमाने वाली 31 महिला योद्धाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया।

सम्मान की गूँज: जब ‘खाकी’ और ‘कलम’ का हुआ संगम

​समारोह का शुभारंभ पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन (ERWWO) की अध्यक्षा श्रीमती सीमा देऊस्कर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में सबसे भावुक और गर्व करने वाला पल वह रहा जब मंच पर दीक्षा राय को सम्मानित किया गया।

  • रेलवे की बेटी का कमाल: दीक्षा राय ने इस वर्ष की UPSC परीक्षा में 40वीं रैंक हासिल कर पूरे देश में परचम लहराया है। वह पूर्व रेलवे में तैनात आरपीएफ (RPF) के हेड कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र राय की सुपुत्री हैं।
  • प्रेरणा का स्रोत: सीमा देऊस्कर ने दीक्षा की सफलता को हर रेल कर्मचारी के परिवार के लिए एक प्रेरणा बताया और महिला कर्मचारियों से आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने का आह्वान किया।

“लोको पायलट से मैनेजर तक… महिलाएं हर जगह अव्वल”: महाप्रबंधक

​पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर ने व्यक्तिगत रूप से 31 चयनित महिला कर्मचारियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार सौंपे। उन्होंने महिलाओं की सूक्ष्म दक्षता (Micro Efficiency) की जमकर तारीफ की।

भास्कर विशेष: किन-किन क्षेत्रों में लहराया परचम?

  • ट्रेन संचालन: सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने वाली महिला लोको पायलट और गार्ड।
  • मैनेजमेंट: स्टेशन का पूरा संचालन संभालने वाली महिला स्टेशन प्रबंधक।
  • पैसेंजर सर्विस: टिकट परीक्षक (TTE) और बुकिंग क्लर्क के रूप में उत्कृष्ट सेवा।
  • सुरक्षा: सुरक्षा से जुड़े कठिन कार्यों में तैनात महिला आरपीएफ कर्मी।

अंताक्षरी, फैशन शो और ‘पावर’ का प्रदर्शन

​समारोह केवल पुरस्कारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ‘उदिशा सभागार’ में महिला सशक्तिकरण के रंगों की एक झलक भी दिखी।

    • सांस्कृतिक छटा: महिला कर्मचारियों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया।
    • प्रतियोगिताएं: अंताक्षरी, फैशन शो और क्विज़ प्रतियोगिता के जरिए कर्मचारियों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
    • कार्यस्थल पर सुविधा: रेलवे ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर विशेष संसाधनों और मेंटॉरशिप (Mentorship) कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है।

VOB का नजरिया: पटरियों की कमान अब ‘कोमल’ नहीं, ‘मजबूत’ हाथों में!

एक समय था जब रेलवे को केवल पुरुषों का गढ़ माना जाता था, लेकिन आज गार्ड से लेकर बुकिंग क्लर्क और लोको पायलट तक के पदों पर महिलाओं की मौजूदगी ने इस धारणा को बदल दिया है। पूर्व रेलवे का यह आयोजन और खासकर दीक्षा राय जैसी प्रतिभा का सम्मान यह दर्शाता है कि रेलवे केवल एक विभाग नहीं, बल्कि एक बड़ा परिवार है जो अपने सदस्यों की उड़ान को पंख देता है।

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