पटना।बिहार सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से 2 लाख रुपए तक की सहायता राशि दी जाएगी, ताकि वे खुद का रोजगार शुरू कर सकें।
पहले चरण में जहां महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए गए थे, वहीं अब सरकार ने बड़ी राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के बाद जीविका ने इसकी विस्तृत कार्य योजना तैयार कर ली है।
पहले चरण में 1.56 करोड़ महिलाओं को मिली सहायता
सरकार अब तक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को पहले फेज में 10 हजार रुपए दे चुकी है। अब यह योजना चार और चरणों में आगे बढ़ेगी, जिससे कुल सहायता राशि 2 लाख रुपए तक पहुंचेगी।
किस फेज में कितनी राशि मिलेगी
महिलाओं को इस तरह चरणबद्ध सहायता दी जाएगी:
पहला फेज
सरकार पहले ही 10 हजार रुपए दे चुकी है।
दूसरा फेज
20 हजार रुपए दिए जाएंगे, जिसमें महिला को खुद से 5 हजार रुपए जोड़ने होंगे।
तीसरा फेज
40 हजार रुपए सरकार देगी और महिला को 10 हजार रुपए का निवेश करना होगा।
चौथा फेज
80 हजार रुपए सरकार देगी और महिला को 20 हजार रुपए अपनी ओर से लगाने होंगे।
पांचवां फेज
व्यवसाय विस्तार के लिए मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग मद में 60 हजार रुपए दिए जाएंगे।
एक साथ कैसे मिलेंगे 2 लाख
सरकार ने व्यक्तिगत और समूह दोनों तरह के मॉडल तय किए हैं।
ग्रुप मॉडल
अगर 10 महिलाएं मिलकर कोई व्यवसाय शुरू करती हैं, तो दूसरे फेज में प्रति महिला 20 हजार रुपए के हिसाब से ग्रुप को एक साथ 2 लाख रुपए मिल सकते हैं।
व्यक्तिगत मॉडल
जो महिलाएं पहले से अच्छा व्यवसाय चला रही हैं और एक बार में बड़ी राशि चाहती हैं, उनके प्रस्ताव जिला स्तर से राज्य स्तर पर भेजे जाएंगे।
जीविका सीईओ की अध्यक्षता में बनी स्टेट लेवल कमेटी जांच करेगी। मंजूरी के बाद महिला को एक साथ 2 लाख रुपए तक दिए जाएंगे।
पहले 10 हजार का होगा मूल्यांकन
दूसरे चरण की राशि देने से पहले यह देखा जाएगा कि पहले दिए गए 10 हजार रुपए का सही उपयोग हुआ या नहीं।
यह जिम्मेदारी ग्राम संगठन की होगी।
वे यह जांच करेंगे कि महिला ने दुकान या व्यवसाय शुरू किया या नहीं और उसकी रुचि कितनी है।
रिपोर्ट ब्लॉक स्तर पर भेजी जाएगी, जिसके आधार पर अगली राशि जारी होगी।

सरकार का लक्ष्य
सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं केवल सहायता पर निर्भर न रहें, बल्कि खुद का स्थायी रोजगार खड़ा करें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें। यह योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


