35% आरक्षण से लेकर 36 हजार महिला पुलिस तक, नीतीश सरकार की दूरदर्शी नीति का असर
पटना, 12 जुलाई 2025:बिहार की महिलाएं अब विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर समाज के हर क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 35% आरक्षण देकर उन्हें आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक रूप से सशक्त किया है।
पंचायत से प्रशासन तक महिलाएं अग्रणी
- बिहार की 50% से अधिक पंचायतों का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।
- 29 महिला हितैषी ग्राम पंचायतों का संचालन पूरी तरह महिलाओं के हाथ में है।
आर्थिक रूप से सशक्त हो रहीं ‘जीविका दीदियां’
- 1.35 करोड़ से अधिक परिवार जीविका योजना से जुड़े।
- 10 लाख+ महिलाओं को स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण,
- 45 हेल्थ असिस्टेंस सेंटर और प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों का संचालन भी दीदियां कर रही हैं।
ड्राइविंग में भी बना रही पहचान
- पटना की 29,417 महिलाएं, मुजफ्फरपुर की 18,560 महिलाएं और
- पटना प्रमंडल की कुल 40,000+ महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस मिला।
- महिलाएं अब निजी से लेकर पेशेवर वाहनों तक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं।
महिला पुलिस बल में बिहार सबसे आगे
- 36,000 से अधिक महिला पुलिस, यानी 35% से ज्यादा भागीदारी।
- यह उपलब्धि देश में सबसे अधिक महिला पुलिस बल वाले राज्य के रूप में बिहार को प्रतिष्ठित करती है।
- 2006 से शुरू हुई 35% आरक्षण नीति ने महिलाओं को सुरक्षा तंत्र में मजबूत स्थान दिलाया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीति और शासन के कारण बिहार में महिलाएं न केवल घरों से बाहर निकली हैं, बल्कि वे सशक्त नेतृत्व, सेवा और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। चाहे वो सड़क हो, स्वास्थ्य सेवा हो, पुलिस बल हो या पंचायत—हर क्षेत्र में महिलाएं आज “ड्राइविंग सीट” पर हैं।


