‘सांसदों के लॉगिन से बाजार में हेराफेरी कर सकते हैं,’ निशिकांत दुबे ने बताई महुआ मोइत्रा केस की बारीकी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा को संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश की जा चुकी है। इसके बाद से ही वह लोकसभा आचार समिति पर कटाक्ष कर रही हैं। उनके खिलाफ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ही सबसे पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को शिकायत दर्ज कराई थी। बिरला ने इसे एथिक्स कमेटी के पास भेज दिया था। अपनी जांच के बाद अब एथिक्स कमेटी मोइत्रा के निलंबन की अर्जी लोकसभा अध्यक्ष को भेजेगी।

बाहरी व्यक्ति को आईडी नहीं दे सकते

इस बीच निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा केस की बारीकी पर बात की। उन्होंने कहा- ”अगर कोई सांसद कहता है कि मेरे ओटीपी का इस्तेमाल 4 अन्य लोगों की ओर से किया जाता है, तो यह गलत है। सरकार ने ऐसा कोई अधिकार नहीं दिया है। हमें एक पोर्टल और लॉगिन क्रेडेंशियल सांसद होने के नाते मिला है। लोकसभा सचिवालय ने सभी सांसदों के लिए एक पीए दिया है और यदि वह सक्षम नहीं है, तो आप उसे हटा सकते हैं और नया नियुक्त कर सकते हैं , लेकिन आप किसी बाहरी व्यक्ति को अपना लॉगिन आईडी नहीं दे सकते। कोई भी सांसद यदि कहता है कि मेरा लॉगइन चार लोग इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह गलत है।”

कई संवेदनशील जानकारी

BJP सांसद ने आगे कहा- ”इसमें भारत के बारे में कई ऐसी संवेदनशील जानकारी होती हैं, जो 24 से 48 घंटे पहले सासंदों को मिल जाती हैं। इससे आप मार्केट में हेरफेर कर सकते हैं। यदि किसी से किसी कंपनी का कॉम्पिटीशन या वॉर चल रहा है तो मान लीजिए कि ये पता चल जाए कि भारत सरकार की डिजिटल डेटा, डेटा प्रोटेक्शन या पेट्रोलियम पॉलिसी अलग है, तो हीरानंदानी जैसे लोग अपने शेयर खरीदने या बेचने शुरू कर देंगे। कोई भी बिजनेसमैन इससे मैनुपुलेशन करना शुरू कर सकता है। जितने भी सांसद इस बात को कहते हैं कि मेरा डेटा 4 लोग देखते हैं तो सरासर गलत है।”

बता दें कि महुआ मोइत्रा निशिकांत दुबे पर फर्जी डिग्री होने का आरोप लगा चुकी हैं। वहीं मोइत्रा के खिलाफ ‘कैश फॉर क्वेरी’ के आरोप पर टीएमसी सांसद शांतनु सेन ने कहा- “एथिक्स कमेटी, विशेषाधिकार समिति के समक्ष कई मामले लंबित हैं। बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी का मामला भी लंबित है। यह यह बीजेपी की प्रतिशोध की राजनीति है। अगर कोई बीजेपी, सरकार और अडानी के खिलाफ बोलेगा तो बीजेपी उसे खत्म कर देगी।”

47 बार इस्तेमाल हुआ लॉगिन

बता दें कि एथिक्स कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मोइत्रा का अकाउंट विदेश से 47 बार लॉगिन हुआ। बीजेपी सांसद विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता में कमेटी ने 9 नवंबर को मीटिंग की। इसके बाद 479 पन्नों की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया। एथिक्स कमेटी ने मोइत्रा को ‘अनैतिक आचरण’ का दोषी पाया है। कमेटी के 10 में से 6 सदस्यों ने महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने के पक्ष में वोट दिया था। इसमें कांग्रेस सदस्य भी शामिल थे।

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