क्या बिहार में होगा ‘ऑपरेशन JDU’? 122 के जादुई आंकड़े पर BJP की नजर, सियासी गलियारों में तेज हुई बड़ी चर्चा

पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े राजनीतिक बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की तरह बिहार में भी जेडीयू के संभावित बिखराव और बीजेपी द्वारा विधानसभा में अपने दम पर बहुमत हासिल करने की रणनीति को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है।

2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को 202 सीटों का प्रचंड बहुमत मिला था। बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि जेडीयू को 85 सीटें मिली थीं। हालांकि अब मुख्यमंत्री पद पर बदलाव के बाद बिहार की राजनीति के समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।

वर्तमान में बीजेपी के पास 88 विधायक हैं। लोजपा (रामविलास), हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायकों को जोड़ने पर एनडीए के पास जेडीयू के बिना 116 विधायक होते हैं। ऐसे में सरकार बनाने के लिए आवश्यक 122 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए केवल सात विधायकों की जरूरत पड़ती है। यही वजह है कि राजनीतिक चर्चाओं में बीजेपी की संभावित रणनीति को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बीजेपी किसी जल्दबाजी में नहीं है, लेकिन भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर जेडीयू का दावा है कि पार्टी का जनाधार मजबूत है और उसे किसी प्रकार की चुनौती नहीं है।

जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि बिहार की स्थिति महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसी नहीं है। उनके अनुसार जेडीयू ने चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व और उनके विकास कार्यों के आधार पर जीता है तथा पार्टी पूरी तरह एकजुट है।

वहीं आरजेडी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी अपने सहयोगी क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने की रणनीति पर काम करती है और भविष्य में जेडीयू भी उसका निशाना बन सकती है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिश की जा सकती है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति में बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। हालांकि फिलहाल यह सभी चर्चाएं राजनीतिक आकलन और संभावनाओं पर आधारित हैं। किसी भी दल की ओर से जेडीयू में टूट या राजनीतिक पुनर्संरचना को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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