
तुमकुरु (कर्नाटक): जिले के कोरटागेरे तालुक से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद खूनी अंजाम तक पहुंच गया। गुस्से और अविश्वास के माहौल में पति ने अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया और अगले ही दिन खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक घटना के बाद दो मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया छिन गया है।
15 साल पुराना रिश्ता टूटा
जानकारी के मुताबिक, मारुति और नागमणि की शादी करीब 15 साल पहले हुई थी। मारुति पेशे से मजदूरी (प्लास्टर का काम) करते थे, जबकि नागमणि ने मेहनत के दम पर पढ़ाई पूरी कर मैसूर के एक सरकारी अस्पताल में नर्स की नौकरी हासिल की थी।
नौकरी मिलने के बाद नागमणि की दिनचर्या और जीवनशैली में बदलाव आया, जिसे लेकर दंपति के बीच तनाव बढ़ने लगा। धीरे-धीरे यह तनाव विवाद और झगड़े में बदल गया।
शक और तलाक की नौबत
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पति मारुति को पत्नी के चरित्र पर शक था। उसे संदेह था कि नागमणि का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध है। दूसरी ओर, नागमणि इस रिश्ते से बाहर निकलना चाहती थीं और तलाक की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में थीं।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार झगड़े हुए, यहां तक कि मामला पुलिस तक भी पहुंच चुका था।
बच्चों से मिलने आई थी पत्नी, हुआ खूनी हमला
बताया जा रहा है कि 6 अप्रैल को नागमणि अपने बच्चों से मिलने के लिए घर आई थीं, जो फिलहाल पिता के साथ रह रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच फिर से तीखी बहस शुरू हो गई।
गुस्से में आकर मारुति ने धारदार हथियार से नागमणि पर हमला कर दिया। हमले में नागमणि गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ीं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल नागमणि को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और स्थिति पर नजर रखे हुए है।
अगले दिन पेड़ से लटका मिला शव
हमले के अगले दिन यानी 7 अप्रैल की सुबह, मारुति का शव डोड्डानाहल्ली इलाके में एक पेड़ से लटका मिला। आशंका जताई जा रही है कि घटना के बाद डर, पछतावा या गिरफ्तारी के भय से उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसकी पुष्टि के लिए पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
दो बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि दंपति के दो बच्चे अब पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं। एक ओर पिता की मौत हो चुकी है, वहीं मां अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल एक पारिवारिक विवाद का दुखद अंत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अविश्वास और संवाद की कमी किस तरह रिश्तों को बर्बादी की ओर ले जा सकती है। समाज में ऐसे मामलों को रोकने के लिए समय रहते परामर्श और समझदारी बेहद जरूरी है।


