
केंद्रीय मंत्री और चिराग पासवान ने हाजीपुर दौरे के दौरान बिहार की राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय हालात और खेल जगत तक के मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने एमएलसी चुनाव, एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों और बिहार के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की उपलब्धि पर प्रतिक्रिया दी।
वैभव सूर्यवंशी को दी बधाई
समस्तीपुर के युवा क्रिकेटर Vaibhav Suryavanshi के भारतीय टीम में चयन पर चिराग ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए गर्व का क्षण है और ऐसे युवा खिलाड़ियों की सफलता राज्य के हजारों युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
गैस सिलेंडर कीमतों पर क्या बोले?
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक जरूर है, लेकिन इसे वैश्विक परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
साथ ही उन्होंने Narendra Modi की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार वैश्विक चुनौतियों के बीच हालात को संभालने का प्रयास कर रही है।
उपेंद्र कुशवाहा के मुद्दे पर BJP-RLM से पूछा सवाल
एमएलसी चुनाव में Upendra Kushwaha की पार्टी को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने और उनके बेटे दीपक प्रकाश को टिकट न दिए जाने पर चिराग पासवान ने कहा कि कुछ मामलों में संवैधानिक कारणों से पद छोड़ने पड़ सकते हैं, लेकिन यह सवाल जरूर उठता है कि भाजपा और आरएलएम के बीच आवश्यक व्यवस्था क्यों नहीं बन पाई।
उन्होंने कहा कि अगर कोई संवैधानिक बाधा थी तो उसे दूर करने के लिए क्या प्रयास किए गए, यह भाजपा और आरएलएम को स्पष्ट करना चाहिए।
“यह सवाल भाजपा और आरएलएम दोनों से पूछा जाना चाहिए कि संवैधानिक व्यवस्था क्यों नहीं बन सकी।”
लोकसभा चुनाव का दिया उदाहरण
चिराग पासवान ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी सीट बंटवारे को लेकर कई तरह की चर्चाएं और सवाल उठे थे। उस समय उनकी पार्टी को अधिक सीटें मिलने पर भी राजनीतिक अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन बाद में सभी मुद्दों का समाधान हो गया।
उन्होंने कहा कि इस बार की स्थिति अलग क्यों बनी, इसका जवाब संबंधित दलों को ही देना होगा।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर चिराग ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी समस्या का समाधान संवाद और बातचीत से निकलता है। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर टकराव की स्थिति बनाने के बजाय चर्चा के जरिए रास्ता निकालना ज्यादा बेहतर होता है।
राजनीतिक मायने
चिराग पासवान का यह बयान ऐसे समय आया है जब एनडीए के भीतर सीट बंटवारे और सहयोगी दलों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज है। हालांकि उन्होंने किसी दल पर सीधा हमला नहीं किया, लेकिन भाजपा और आरएलएम से जवाब मांगकर उन्होंने इस पूरे विवाद पर नया राजनीतिक सवाल खड़ा कर दिया है।


