
नई दिल्ली: दिल्ली में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कीर्ति आजाद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता की कमी है और छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
कीर्ति आजाद ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में कई पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं और छात्रों की प्रमुख मांग है कि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगे, प्रभावित परिवारों को न्याय मिले तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने कहा कि विकसित देशों में शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि भारत में युवाओं के भविष्य को लेकर अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। उनके अनुसार, छात्रों की बात सुनना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा होना चाहिए।
टीएमसी सांसद ने नेपाल और भारत के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब युवा बड़ी संख्या में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते हैं, तो सरकारों को उनकी बात सुननी पड़ती है। उन्होंने इमरजेंसी के बाद हुए राजनीतिक बदलाव का भी जिक्र किया।
कीर्ति आजाद ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोनम वांगचुक से बातचीत की है, जो छात्रों के मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यदि युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, तभी देश का भविष्य भी मजबूत होगा। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों से शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
गौरतलब है कि पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं। इस पूरे मामले में सरकार, विपक्ष और प्रदर्शनकारी संगठनों के अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।


