
पटना: बिहार की राजनीति में Lalu Prasad Yadav सिर्फ अपने राजनीतिक फैसलों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी हाजिरजवाबी, देसी अंदाज और चुटीले व्यंग्य के लिए भी जाने जाते हैं। संसद हो, विधानसभा हो या चुनावी मंच, लालू यादव ने कई बार अपने अनोखे अंदाज से माहौल को हल्का कर दिया और विरोधियों को भी मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया।
“दो बार प्रधानमंत्री बन गए, अब जान छोड़िए…”
साल 1999 में लोकसभा में भाषण के दौरान लालू यादव ने तत्कालीन प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee पर चुटकी लेते हुए कहा था—
“नेहरू जी ने कहा था कि अटल एक दिन प्रधानमंत्री बनोगे। वो एक बार बोले थे, लेकिन आप दो बार प्रधानमंत्री बन गए। अब तो मुल्क की जान छोड़िए…”
लालू के इस बयान पर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा था। खुद अटल बिहारी वाजपेयी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए थे। हालांकि इसके बाद लालू ने सरकार की नीतियों पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला था।
ममता बनर्जी से सदन में नोकझोंक
उसी दौर में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लालू यादव और Mamata Banerjee के बीच हुई नोकझोंक भी खूब चर्चा में रही।
लालू ने ममता से पूछा कि क्या रेल मंत्रालय की मांग की गई थी? ममता ने जवाब दिया, “नहीं।”
इस पर लालू ने तुरंत कहा—
“नहीं मांगा गया था तो नहीं मिलेगा, अब कभी भी नहीं मिलेगा।”
इस टिप्पणी के बाद सदन में फिर हंसी का माहौल बन गया।
मोदी की मिमिक्री कर बटोरी सुर्खियां
2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में लालू यादव ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की चुनावी सभाओं की शैली की नकल करते हुए खूब सुर्खियां बटोरी थीं।
मोदी द्वारा बिहार के लिए विशेष पैकेज की घोषणा के अंदाज की मिमिक्री करते हुए लालू ने मंच से कहा—
“50 करोड़, 70 करोड़, 90 करोड़… कितना दें?”
इसके बाद उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा—
“अरे मोदी जी, ठीक से बोलिए, नहीं तो नस फट जाएगा यहां का…”
यह बयान उस समय चुनावी सभाओं में खूब वायरल हुआ था।
राजनीति में अलग पहचान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू यादव की सबसे बड़ी ताकत उनकी जनभाषा और आम लोगों से जुड़ने की शैली रही है। उन्होंने हमेशा जटिल राजनीतिक मुद्दों को भी ऐसे अंदाज में रखा कि आम लोग आसानी से समझ सकें।
इसी वजह से समर्थक उन्हें बिहार की राजनीति का सबसे रंगीन और यादगार वक्ता मानते हैं। चाहे विरोधी हों या समर्थक, यह बात लगभग सभी स्वीकार करते हैं कि लालू यादव का मंचीय अंदाज भारतीय राजनीति में अपनी अलग पहचान रखता है।


