पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, सिर्फ 2 चरणों में मतदान; भारी सुरक्षा तैनाती

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने करीब 35 साल बाद बड़ा बदलाव करते हुए इस बार चुनाव सिर्फ 2 चरणों में कराने का फैसला किया है। इससे पहले साल 2021 में राज्य में 8 चरणों में मतदान कराया गया था। इस बार न सिर्फ चरणों की संख्या कम की गई है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए 500 से ज्यादा पैरामिलिट्री कंपनियों की तैनाती की जा रही है। इनमें से करीब 480 कंपनियां पश्चिम बंगाल पहुंच चुकी हैं, जबकि शुरुआती चरण में 240 कंपनियों को विभिन्न इलाकों में तैनात कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, एक पैरामिलिट्री कंपनी में लगभग 150 जवान होते हैं, जिनमें अधिकारी से लेकर सिपाही तक शामिल रहते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है, जिनमें बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के जवान शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर राज्य पुलिस की भी मदद ली जाएगी।

किस बल की कितनी कंपनियां तैनात

  • सीआईएसएफ – 37 कंपनियां
  • बीएसएफ – 160 कंपनियां
  • आईटीबीपी – 47 कंपनियां
  • एसएसबी – 46 कंपनियां
  • सीआरपीएफ – 230 कंपनियां

पिछले चुनावों के अनुभव को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा, पंचायत या नगर निकाय चुनावों के दौरान अक्सर हिंसक घटनाएं देखने को मिलती रही हैं। साल 2023 के पंचायत चुनाव में भी बमबाजी, आगजनी और मारपीट की घटनाओं में कई लोगों की जान गई थी और दर्जनों घायल हुए थे।

इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस बार चुनाव आयोग ने सुरक्षा का कड़ा खाका तैयार किया है, ताकि मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाया जा सके।

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