बिहार में बदला मौसम ! 50 किमी की रफ़्तार से आएगी आंधी, 8 जिलों में ओलों का ‘ऑरेंज अलर्ट’; तपती गर्मी पर ‘कुदरत’ का पानी

HIGHLIGHTS: आसमान में ‘ब्लैकआउट’ की तैयारी; गर्मी से राहत पर किसानों की बढ़ी आफत

  • हाई अलर्ट: IMD ने 20 और 21 मार्च को पूरे बिहार के लिए जारी किया भीषण आंधी-बारिश का अलर्ट।
  • रफ़्तार का कहर: 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलेंगी हवाएं; बिजली गिरने (वज्रपात) की भी प्रबल संभावना।
  • पटना का टाइम: राजधानी में दोपहर 3 बजे से बदल जाएगा मिजाज; रात तक जारी रह सकती है झमाझम बारिश।
  • फसलों पर संकट: बड़े आकार के ओले गिरने से गेहूं और आम की फसल को भारी नुकसान का डर।

पटना/भागलपुर | 20 मार्च, 2026

​बिहार में पिछले कुछ दिनों से सूरज जो आग उगल रहा था, उस पर अब कुदरत ‘ठंडा पानी’ फेरने वाली है। लेकिन यह राहत अपने साथ आफत की पोटली भी लेकर आ रही है। बंगाल की खाड़ी से उठी नमी ने बिहार के वायुमंडल में ऐसा ‘वेदर बम’ तैयार किया है, जो आज दोपहर बाद फटने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने साफ चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे घर से बाहर निकलते समय आसमान की ओर नजर जरूर रखें।

इन 8 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’: ओले गिराएंगे कहर

​मौसम विभाग ने सीमांचल और दक्षिण-पूर्वी बिहार के आठ जिलों को ‘डेंजर जोन’ में रखा है। यहाँ आंधी के साथ बड़े पत्थर (ओले) गिरने की आशंका है:

जिला

अलर्ट का प्रकार

संभावित असर

भागलपुर, बांका

ऑरेंज अलर्ट

ओलावृष्टि और तेज आंधी

पूर्णिया, कटिहार

ऑरेंज अलर्ट

भारी बारिश और वज्रपात

अररिया, किशनगंज

ऑरेंज अलर्ट

जलजमाव और ओले

मधुबनी, सुपौल

ऑरेंज अलर्ट

तेज हवाएं और बिजली

गर्मी का ‘द एंड’: 37°C से सीधे 24°C पर आएगा पारा

​पिछले एक हफ्ते से लोग 35 से 37 डिग्री की तपिश में झुलस रहे थे। आज से तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी। पटना और आसपास के इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान गिरकर 24 से 32 डिग्री के बीच रह सकता है। यह गिरावट लू से राहत तो देगी, लेकिन ओले गिरने से घरों की खिड़कियों और छतों को नुकसान पहुँच सकता है।

VOB का नजरिया: आम आदमी की राहत या किसान की आफत?

​मौसम का यह मिजाज शहरियों के लिए ‘पिकनिक’ जैसा हो सकता है, लेकिन ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि बिहार के किसानों के लिए यह किसी त्रासदी से कम नहीं है।

​मार्च का यह महीना गेहूं की कटाई और आम के टिकोलों (मंजर के बाद का फल) के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर 50 किमी की रफ़्तार से हवा चली और ऊपर से ओले गिरे, तो गेहूं की बालियां खेत में ही बिछ जाएंगी और आम का ‘मंजर’ पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। 22 मार्च तक यह संकट बना रहेगा। प्रशासन को चाहिए कि बिजली गिरने की स्थिति में लोगों को खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न जाने की सख्त सलाह दें। सावधानी ही इस ‘ऑरेंज अलर्ट’ से बचने का एकमात्र रास्ता है।

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