
पटना। बिहार में चिलचिलाती गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पटना ने 6 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश, वज्रपात (Lightning) और ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमीयुक्त हवाओं के मिलन से वायुमंडल में एक शक्तिशाली चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) विकसित हुआ है, जो अगले 4 दिनों तक पूरे प्रदेश में अपना असर दिखाएगा।
मौसम की तीव्रता: 8 और 9 अप्रैल रहेंगे सबसे चुनौतीपूर्ण
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 72 से 96 घंटों के दौरान बिहार के अधिकांश भागों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है।
- हवा की रफ़्तार: आंधी के दौरान हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है, जो कमजोर संरचनाओं और पेड़ों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
- विशेष तारीखें: मौसम की तीव्रता विशेष रूप से 08.04.2026 और 09.04.2026 को अपने चरम पर रहने की संभावना है।
- ओलावृष्टि: राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की प्रबल संभावना है, जो खड़ी फसलों के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
जिलावार चेतावनी: कहाँ है ‘ऑरेंज अलर्ट’?
मौसम केंद्र द्वारा जारी मानचित्रों के विश्लेषण से पता चलता है कि बिहार के अलग-अलग जिलों में खतरे का स्तर अलग-अलग है:
- 6 अप्रैल (आज): उत्तर और पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में ‘येलो अलर्ट’ के साथ हल्की हलचल शुरू होगी।
- 7 अप्रैल: पूरे राज्य में ‘येलो अलर्ट’ सक्रिय रहेगा, जिसका अर्थ है कि मौसम बिगड़ने की तैयारी में है।
- 8 अप्रैल (सबसे खतरनाक): उत्तर-पूर्वी और पूर्वी बिहार के जिलों, जिनमें भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, मुंगेर और सहरसा शामिल हैं, के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। यहाँ आंधी और बारिश की तीव्रता सर्वाधिक रहने की उम्मीद है।
- 9 अप्रैल: दक्षिण और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में मौसम का असर बना रहेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होगी।
आम नागरिकों और किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन्स
मौसम विभाग ने जान-माल की हानि को कम करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
अपील: “आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचें। वज्रपात (थंडरस्टॉर्म) के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और पेड़ों व बिजली के खंभों से उचित दूरी बनाए रखें।”
किसानों के लिए विशेष परामर्श:
- फसल प्रबंधन: जो रबी फसलें तैयार हैं, उनकी शीघ्र कटाई कर सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करें।
- सुरक्षा उपाय: खेतों में रखी फसल को तिरपाल या सुरक्षित माध्यमों से ढक दें ताकि संभावित ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
सतर्कता ही बचाव है
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा जारी यह चेतावनी अगले 4 दिनों के लिए अत्यंत संवेदनशील है। पश्चिमी विक्षोभ और नमी का यह संयोजन प्री-मानसून गतिविधियों को तेज कर रहा है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे स्थानीय मौसम ऐप (Mausam App) और आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से समय-समय पर जारी होने वाले पूर्वानुमानों का पालन करें।


