“जान दे देंगे लेकिन हिन्दुस्तान नहीं छोड़ेंगे” – आरा में रह रहीं दो पाकिस्तानी महिलाओं ने वतन वापसी से किया इनकार

भोजपुर, बिहार | 29 अप्रैल 2025:

जहां एक ओर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को वीज़ा समाप्त होने पर भारत छोड़ने का आदेश जारी किया है, वहीं बिहार के भोजपुर जिले से एक भावनात्मक और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ दो पाकिस्तानी महिलाएं — आसरी बेगम और आसमा — वर्षों से वैध वीज़ा पर भारत में रह रही हैं, और अब सरकार के निर्देशों के बावजूद पाकिस्तान लौटने से साफ इनकार कर रही हैं।

“मेरे बच्चों को छोड़कर कहां जाऊं?”

शाहपुर प्रखंड के कनैला गांव में रह रहीं आसरी बेगम ने मीडिया से साफ कहा,

“सरकार चाहे तो मुझे जान से मार दे, लेकिन मैं भारत नहीं छोड़ूंगी। मेरे कुल पांच बच्चे हैं — दो बेटियों की शादी भी यहीं हो चुकी है। हम जैसे लोगों का उस आतंकी हमले से क्या लेना देना?”

आसरी बेगम पिछले 30 वर्षों से वीज़ा बढ़ा-बढ़ाकर भारत में रह रही हैं। उनका निकाह भी भारत में ही आलमगीर कुरैशी से हुआ था। उनका कहना है कि भले ही उनके पास पाकिस्तानी पासपोर्ट है, लेकिन उनका दिल और जीवन अब भारत में ही है।

कराची से विवाह कर भोजपुर आई थीं आसमा

कोइलवर की रहने वाली आसमा का मामला भी कम दिलचस्प नहीं है। उन्होंने अक्टूबर 2018 में कराची में आमिर अहमद से निकाह किया था, जो भोजपुर के कोईलवर के निवासी हैं। वीज़ा पर भारत आईं आसमा 2022 से लगातार भारत में रह रही हैं, और उनका पासपोर्ट वर्ष 2027 तक वैध है। वह भी अब भारत को ही अपना घर मान चुकी हैं।

भारत सरकार के आदेश के बावजूद मिल सकती है राहत

भारत सरकार ने हालिया आदेश में पाकिस्तान के सभी नागरिकों को, चाहे उनके पास वैध वीज़ा ही क्यों न हो, तीन दिन के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। इसका सीधा असर इन दोनों महिलाओं पर भी पड़ता है। लेकिन भोजपुर के पुलिस अधीक्षक मिस्टर राज ने स्पष्ट किया कि:

“चूंकि इन दोनों के पास दीर्घकालिक वैध वीज़ा है, इसलिए वे कानूनी रूप से भारत में रह सकती हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से विशेष निर्देश नहीं आता, तब तक इन दोनों महिलाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में निकाह

इन दोनों महिलाओं के भारत में विवाह की कहानी भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से जुड़ी है। बताया जाता है कि 1947 में बंटवारे के समय भोजपुर के कई परिवार पाकिस्तान चले गए थे। 1989 में एक शादी में शामिल होने आए पाकिस्तानी रिश्तेदारों में से ही आसरी बेगम और आलमगीर कुरैशी का निकाह हुआ। इसके बाद से वे लगातार भारत में रह रही हैं।

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