पटन: बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग के प्रभारी सम्राट चौधरी ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि आने वाले तीन महीनों के भीतर अपराधियों को बिहार से भागने के लिए मजबूर कर दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
राज्य में शुरू हुआ ‘सफाई अभियान’
बुधवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में अपराध के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने अपराधियों को लेकर प्रतीकात्मक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि राज्य में पहले ही काफी हद तक “कचरा साफ” किया जा चुका है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां ‘कचरा’ शब्द का इस्तेमाल अपराधियों के लिए किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा,
“जो लोग अब तक बिहार से नहीं भागे हैं, उन्हें अगले तीन महीनों में भागने के लिए मजबूर कर दिया जाएगा।”
सुशासन के लिए सख्ती जरूरी
गृह विभाग का जिम्मा संभाल रहे सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा,
“बिहार और यहां की जनता को सुशासन चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। हम उन्हें यहां टिकने नहीं देंगे।”
अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
उपमुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में पुलिस और प्रशासन को और अधिक सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है और कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।
सियासी मायने भी निकाले जा रहे
सम्राट चौधरी के इस आक्रामक बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। जहां सत्तारूढ़ दल इसे सरकार की सख्त नीति के रूप में पेश कर रहा है, वहीं विपक्ष पहले से ही कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है।
फिलहाल, उपमुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यह देखना अहम होगा कि आने वाले महीनों में अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार जमीनी स्तर पर कौन-कौन से ठोस कदम उठाती है।


