भागलपुर, 10 अगस्त 2025 —गंगा का पानी इस समय अपने रौद्र रूप में है। फरक्का बैराज में पानी फंसने और भारी बारिश के कारण भागलपुर का आधा हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ चुका है। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अब यह लाल निशान से 78 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है।
फरक्का बैराज बना टोंटी
गंगा में आई बाढ़ का सबसे बड़ा कारण फरक्का बैराज बताया जा रहा है। अभियंताओं के मुताबिक, फरक्का से पानी बांग्लादेश की पद्मा नदी में रुक-रुककर ही जा पा रहा है।
इसकी वजह से मुंगेर की ओर से आए दबाव का असर सुल्तानगंज, भागलपुर, कहलगांव और साहिबगंज तक दिख रहा है।
इतिहास दोहराता हुआ
जल संसाधन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 1998, 2003 और 2021 में भी फरक्का में पानी फंसने से भागलपुर में बाढ़ की भयावह स्थिति बन चुकी है।
- 1998: जलस्तर 25.14 मीटर (रिकॉर्ड)
- 2003: कहलगांव में 32.87 मीटर
- 2021: भागलपुर में 34.86 मीटर (लाल निशान 33.68 मीटर)
अभी भागलपुर में गंगा का जलस्तर 34.46 मीटर है, जो खतरे के निशान से ऊपर है।
फरक्का की ताज़ा स्थिति
फरक्का में जलस्तर 23.52 मीटर है, जो लाल निशान से 1.27 मीटर अधिक है। पिछले एक सप्ताह से इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है—शनिवार को ही 12 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक फरक्का का जलस्तर कम नहीं होगा, भागलपुर में पानी उतरना मुश्किल है।
आगे क्या?
भागलपुर में शनिवार को 13 सेमी और कहलगांव में 24 सेमी की वृद्धि हुई है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक, रविवार को भी भागलपुर में 18 सेमी और कहलगांव में 30 सेमी जलस्तर बढ़ सकता है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग ने दावा किया है कि सभी तटबंध सुरक्षित हैं, लेकिन रिहायशी इलाकों में पानी फैलना जारी है।


