पटना, 17 जून 2025 — बिहार की राजधानी पटना को जल्द ही ‘वाटर मेट्रो’ की सौगात मिलने वाली है। केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोमवार, 16 जून को इस बड़ी परियोजना की घोषणा करते हुए कहा कि पटना जल्द ही गंगा नदी पर आधारित अंतर-देशीय जल परिवहन प्रणाली का केंद्र बनने जा रहा है। इस घोषणा को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र सरकार की एक बड़ी रणनीतिक पहल माना जा रहा है।
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क्या है ‘वाटर मेट्रो’ योजना?
वाटर मेट्रो सेवा के तहत:
- गंगा नदी के दोनों किनारों को जोड़ा जाएगा।
- शहरी आवागमन के लिए स्वच्छ, कुशल और आधुनिक परिवहन समाधान उपलब्ध होगा।
- पर्यावरण के अनुकूल (ग्रीन) और ट्रैफिक-फ्री यात्रा विकल्प बनेगा।
यह योजना कोच्चि वाटर मेट्रो मॉडल से प्रेरित मानी जा रही है, जिसे अब पटना जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में भी लागू किया जा रहा है।
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क्या बोले सर्बानंद सोनोवाल?
पटना में आयोजित एक परामर्श बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के जल परिवहन नेटवर्क को हरित विकास और संपर्क का जीवंत इंजन बनाया गया है। बिहार इस परिवर्तन का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।”
उन्होंने यह भी बताया कि:
- राष्ट्रीय अंतर-देशीय नौवहन संस्थान (NIWA) को नए निवेश के साथ Centre of Excellence के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- नदी परिवहन का उपयोग माल ढुलाई, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के सशक्त माध्यम के रूप में किया जाएगा।
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बिहार को क्यों मिलेगा फायदा?
वाटर मेट्रो सेवा और जल परिवहन के विस्तार से:
- पटना और आसपास के जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- यातायात दबाव में कमी आएगी।
- टूरिज़्म और लोकल इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।
- रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ते हुए बिहार एक प्रमुख जलमार्ग हब के रूप में उभरेगा।
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राजनीतिक नजरिए से भी अहम
यह घोषणा विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले की गई है, जिससे माना जा रहा है कि यह राज्य के वोटर्स को लुभाने और विकास की नई परिभाषा प्रस्तुत करने की कोशिश है।


