पटना | 20 मार्च 2026: मोकामा से विधायक को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद उनकी रिहाई में देरी हो रही है। अब स्पष्ट हो गया है कि वे सोमवार, 23 मार्च को जेल से बाहर आएंगे। सवाल उठ रहा था कि जब जमानत मिल चुकी है, तो रिहाई तुरंत क्यों नहीं हुई—इसकी वजह अब सामने आ गई है।
बेलबॉन्ड नहीं भर पाने से अटकी रिहाई
दरअसल, जमानत मिलने के बाद जरूरी कानूनी प्रक्रिया यानी बेलबॉन्ड दाखिल करना होता है। गुरुवार को जमानत मिलने के बावजूद उसी दिन यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
इसके बाद शुक्रवार को रमजान के आखिरी जुम्मे के कारण पटना सिविल कोर्ट बंद रहा। वहीं शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के चलते कोर्ट नहीं खुला। इसी वजह से अब बेलबॉन्ड सोमवार को ही भरा जाएगा और उसी दिन रिहाई संभव होगी।
दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी
अनंत सिंह दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेल में बंद थे। यह घटना विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी, जब जन सुराज से जुड़े एक समर्थक की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था और उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
हाईकोर्ट से मिली राहत
पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद उन्हें जमानत दे दी है। अदालत ने जमानत देते हुए यह भी शर्त रखी है कि वे गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे और साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
जेल में रहते हुए जीता चुनाव
गौरतलब है कि गिरफ्तारी के बावजूद अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से हराया।
मोकामा में मजबूत पकड़
मोकामा क्षेत्र में अनंत सिंह और उनके परिवार का लंबे समय से प्रभाव रहा है। 1990 के दशक से इस सीट पर उनके परिवार का दबदबा कायम रहा है, चाहे राज्य में किसी भी दल की सरकार रही हो।
पहले भी रहे विवादों में
अनंत सिंह पहले भी विभिन्न मामलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। हालांकि, कुछ मामलों में उन्हें बाद में अदालत से राहत भी मिली है।
निष्कर्ष
फिलहाल, जमानत मिलने के बावजूद तकनीकी कारणों से रिहाई में हुई देरी अब खत्म होने जा रही है। सोमवार को बेलबॉन्ड की प्रक्रिया पूरी होते ही अनंत सिंह जेल से बाहर आ जाएंगे। अब सबकी नजर उनकी रिहाई के बाद की राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी है।


