
ईसीआई-नेट प्लेटफॉर्म से हो रहा ऑनलाइन प्रबंधन, 83.66% मतदाताओं के फॉर्म अब तक प्राप्त
पटना, 15 जुलाई 2025: बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान तेज़ी से जारी है। राज्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, अब तक 35,69,435 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की प्रक्रिया में हैं। यह हटाए गए नाम मृत, स्थानांतरित या एक से अधिक जगह दर्ज पाए गए मतदाताओं से संबंधित हैं।
प्राप्त आंकड़ों की स्थिति:
- कुल मतदाता: 7,89,69,844
- अब तक प्राप्त फॉर्म: 6,60,67,208 (83.66%)
- शेष फॉर्म भरने वाले मतदाता: 11.82%
हटाए जाने वाले नामों का वर्गीकरण:
| श्रेणी | संख्या | प्रतिशत |
|---|---|---|
| मृत मतदाता | 12,55,620 | 1.59% |
| स्थायी स्थानांतरण वाले | 17,37,336 | 2.2% |
| दोहराव वाले | 5,76,479 | 0.73% |
| कुल हटाए जा रहे नाम | 35,69,435 | — |
ईसीआई-नेट: एकीकृत तकनीकी समाधान
चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया ईसीआई-नेट (ECINET) प्लेटफॉर्म पुराने 40 ऐप्लीकेशन को मिलाकर एक सभी-समावेशी डिजिटल सिस्टम के रूप में कार्य कर रहा है। सोमवार शाम तक इस पर 5.74 करोड़ फॉर्म अपलोड किए जा चुके हैं।
जमीनी स्तर पर व्यापक अभियान
- 1 लाख बीएलओ तीसरे चरण की घर-घर गणना प्रक्रिया के लिए तैयार हैं।
- इनके साथ 1.5 लाख बीएलए भी प्रतिदिन 50 गणना फॉर्म प्रमाणित और जमा कर सकते हैं।
- 261 शहरी निकायों के 5,683 वार्डों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
- बाहर गए प्रवासी मतदाताओं से भी संपर्क कर ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
‘कोई भी पात्र मतदाता नहीं छूटे’ का संकल्प
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि “कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।” वहीं, अवैध या निष्क्रिय मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को अधिक पारदर्शी और अद्यतन बनाया जा रहा है।
ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा
बाहर गए या असमर्थ नागरिक https://voters.eci.gov.in वेबसाइट या ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म संबंधित बीएलओ को डिजिटल माध्यमों (व्हाट्सऐप आदि) से भी भेजा जा सकता है।
अभियान की अंतिम तिथि नजदीक
गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि तक अभी 11 दिन शेष हैं। आयोग का अनुमान है कि इस अवधि में शेष फॉर्म भी प्राप्त कर लिए जाएंगे और अंतिम मतदाता सूची में ज़रूरी बदलाव किए जा सकेंगे।
यह विशेष अभियान बिहार में निष्पक्ष, पारदर्शी और अद्यतन मतदाता सूची की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आगामी चुनावों को लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से अधिक सशक्त बनाएगा।


