वीएलटीडी सिस्टम ने डेढ़ वर्षों में पकड़े 3,552 ओवरस्पीडिंग वाहन

चालू वित्तीय वर्ष में 1,545 सार्वजनिक वाहन नियम तोड़ते मिले, पटना सबसे आगे

पटना, 16 सितंबर।बिहार की सड़कों पर अब तेज रफ्तार वाहन चालक आसानी से बच नहीं पाएंगे। परिवहन विभाग के व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम (VLTD) ने ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से फिलहाल 54,679 वाहनों की वास्तविक समय में निगरानी की जा रही है। इसी दौरान पिछले डेढ़ वर्षों में 3,552 वाहनों को तेज रफ्तार में पकड़ा गया है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़े

पिछले वित्तीय वर्ष में ही 2,007 वाहनों ने गति सीमा तोड़ी।

  • इनमें 1,051 कैब शामिल थीं, जो 100 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार पर दौड़ रही थीं।
  • 862 बसें, 61 मैक्सी कैब और 33 कारें भी स्पीड लिमिट का उल्लंघन करती पकड़ी गईं।

चालू वर्ष (2025-26) की स्थिति

अब तक 1,545 सार्वजनिक वाहन नियम तोड़ते मिले हैं।

  • 623 कैब
  • 583 बस
  • 128 मैक्सी कैब
  • 118 ओमनी बस
  • 93 कार

इन वाहनों के खिलाफ चालान काटने के लिए संबंधित जिलों के डीटीओ (जिला परिवहन अधिकारी) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

पटना में सबसे ज्यादा तेज रफ्तार वाहन

राजधानी पटना ओवरस्पीडिंग के मामलों में लगातार सबसे आगे है।

  • वित्तीय वर्ष 2024-25 में पटना में 472, मुजफ्फरपुर में 209 और मोतिहारी में 132 वाहन पकड़े गए।
  • चालू वित्तीय वर्ष में पटना में 396, गया में 132 और मुजफ्फरपुर में 123 वाहन नियम तोड़ते मिले।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर फोकस

वर्ष 2022 से लागू वीएलटीडी सिस्टम का मुख्य उद्देश्य न केवल स्पीड कंट्रोल है, बल्कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना भी है। यह सिस्टम वाहनों की गति के साथ-साथ उनकी लोकेशन और रूट की जानकारी भी देता है।


 

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