बेतिया, 2 अगस्त 2025: पश्चिम चंपारण के बेतिया जिले में एक महिला ने सामाजिक अपमान और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर आत्महत्या कर ली। यह हृदयविदारक घटना शिकारपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहां एक अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद महिला ने शुक्रवार देर रात फांसी लगाकर जान दे दी। मरने से पहले उसने एक वीडियो बनाकर उस व्यक्ति का नाम लिया जिसने उसे ब्लैकमेल किया और वीडियो वायरल किया।
“मेरे चार बच्चे हैं, अब कैसे जीऊंगी”
मृतक महिला का वीडियो शनिवार सुबह सामने आया जिसमें वह कहती है—
“शमशाद ने मुझे बर्बाद कर दिया। उसने मेरा गंदा वीडियो वायरल कर दिया। मेरे चार बच्चे हैं। अब मैं कैसे मुंह दिखाऊंगी? मेरी मौत का जिम्मेदार शमशाद है।”
वीडियो वायरल होते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सुबह जब महिला का शव फंदे से लटकता मिला, तो गांव में मातम छा गया।
आठ दिनों तक भटकती रही थाने के चक्कर
महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि वीडियो वायरल होने के बाद वह कई बार शिकारपुर और रामनगर थाने गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
“हम आठ दिनों से थाने के चक्कर काट रहे थे। अगर पुलिस ने समय रहते मदद की होती, तो हमारी बेटी आज जिंदा होती,” महिला की मां ने कहा।
अफेयर के नाम पर बनाया वीडियो, फिर वायरल किया
गांव वालों के अनुसार, आरोपी शमशाद और महिला के बीच कुछ समय पहले संबंध रहे थे। यह वीडियो कथित तौर पर दिल्ली में बनाया गया था, जब महिला कुछ समय के लिए अपने पति के साथ दिल्ली में रह रही थी। उसी दौरान शमशाद ने उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और इसे फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शमशाद महिला को और उसके पति को वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करता था। वीडियो वायरल होते ही महिला की मानसिक स्थिति खराब होने लगी थी।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
महिला की आत्महत्या के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं की, जिससे स्थिति यह बन गई।
एसपी बोले – “जांच जारी है, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई”
बेतिया के एसपी डॉ. शौर्य सुमन ने कहा,
“महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की जानकारी मिली है। उसने एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया है, जिसकी जांच की जा रही है। इस संबंध में दो आवेदन भी सामने आए हैं, लेकिन उन पर तारीख नहीं है। यह जांचा जा रहा है कि ये आवेदन थाने तक पहुंचे भी थे या नहीं।”
एसपी ने आश्वासन दिया कि दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और यदि लापरवाही हुई है तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना सिर्फ एक महिला की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि किस तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग जीवन को तबाह कर सकता है। साथ ही, यह भी सवाल खड़ा करता है कि क्या हमारी कानून-व्यवस्था पीड़ित की रक्षा के लिए पर्याप्त रूप से तत्पर है?


