पटना, 8 अगस्त 2025: राजधानी पटना गुरुवार को हजारों अभ्यर्थियों के गुस्से का गवाह बना, जब माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) के आयोजन की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन तेज हो गया। अभ्यर्थियों का कहना था कि शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 से पहले एसटीईटी का आयोजन अनिवार्य है, अन्यथा लाखों उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे।
सुबह से ही पटना कॉलेज ग्राउंड में अभ्यर्थियों की भीड़ जुटने लगी। हाथों में बैनर, तख्तियां और गूंजते नारों के बीच प्रदर्शनकारी भिखना पहाड़ी होते हुए गांधी मैदान की ओर बढ़े। लेकिन जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद हालात गरमा गए।
पुलिस-प्रदर्शनकारी आमने-सामने
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों की वर्दी खींचने और फाड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। हालांकि, बैरिकेडिंग फांदकर कुछ अभ्यर्थी डाकबंगला चौराहे तक पहुंचने में सफल रहे और वहां भी घंटों नारेबाजी की।
कई घायल, तनाव बरकरार
अभ्यर्थियों के मुताबिक, लाठीचार्ज में 10-15 लोग घायल हुए हैं और कई के सिर व हाथ-पैर में चोटें आई हैं। इस बीच, गांधी मैदान थाने के प्रभारी परितोष कुमार ने बताया कि न तो किसी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और न ही किसी को हिरासत में लिया गया है।
छात्र नेताओं का बयान
छात्र नेता सौरभ कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर है।
“अगर एसटीईटी का आयोजन नहीं किया गया तो हम टीआरई-4 की परीक्षा में बैठने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे। यह सीधा अन्याय है, और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे,” – सौरभ कुमार
सरकार की चुप्पी सवालों के घेरे में
गुरुवार के इस बवाल के बाद भी सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान करेंगे।
पटना के इस उग्र प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि एसटीईटी को लेकर अभ्यर्थियों में गुस्सा सड़कों पर फटने के लिए तैयार बैठा है। अगले कुछ दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और अभ्यर्थियों का अगला कदम, दोनों पर सबकी नजर टिकी है।


