
मोतिहारी, 25 मार्च 2026। बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां छेड़खानी का विरोध करना एक परिवार और मोहल्ले की महिलाओं को भारी पड़ गया। छतौनी थाना क्षेत्र के बंगाली कॉलोनी में कुछ युवकों ने पहले लड़कियों से छेड़खानी की और विरोध करने पर युवक व महिलाओं के साथ मारपीट की। घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
विरोध किया तो घेरकर की पिटाई
जानकारी के अनुसार, कुछ युवक बाहरी इलाके से बंगाली कॉलोनी पहुंचे थे। यहां सड़क पर मौजूद दो लड़कियों के साथ छेड़खानी की गई। उसी दौरान वहां मौजूद अभय कुमार ने इसका विरोध किया और आरोपियों को रोकने की कोशिश की।
बताया जाता है कि विरोध से नाराज होकर युवकों ने अभय को घेर लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
बीच-बचाव करने आई महिलाओं से भी मारपीट
शोर सुनकर अभय की मां विशाखा दास मौके पर पहुंचीं और बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की। स्थिति तब और बिगड़ गई जब मोहल्ले की अन्य महिलाएं बीच-बचाव के लिए आगे आईं—हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा।
इस दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग भयभीत हो गए।
आरोपी फरार, अस्पताल में चल रहा इलाज
घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल अभय कुमार को तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित परिवार ने छतौनी थाना में लिखित शिकायत दी है।
पहले भी होती रही हैं ऐसी घटनाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इलाके में अक्सर कुछ युवक स्कूल के आसपास मंडराते रहते हैं और छात्राओं से छेड़खानी करते हैं। विरोध करने पर वे मारपीट और धमकी देने से भी नहीं हिचकते।
इन घटनाओं के कारण इलाके की लड़कियां और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और घर से बाहर निकलने में डर रही हैं।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
घटना के बाद लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस समय पर नहीं पहुंची, जिससे आरोपियों का मनोबल बढ़ा है।
पुलिस का आश्वासन—दोषियों पर होगी कार्रवाई
मामले पर सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने कहा कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
निष्कर्ष: मोतिहारी की यह घटना महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। छेड़खानी के विरोध पर हिंसा का यह मामला कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी तेजी से आरोपियों को पकड़कर न्याय दिला पाती है।


