सन्हौला (भागलपुर), 18 जुलाई 2025 — वर्षों से जर्जर पड़ी एकचारी-अमडंडा से झारखंड सीमा तक की 12 किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क की दुर्दशा के खिलाफ गुरुवार को ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई कर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया।
गड्ढों से बनी खेत जैसी सड़क
स्थानीय ग्रामीणों भरत पासवान, अनिल तांती, उमर फारूक, अजीत मिश्रा, पंकज कुशवाहा, सिंटू यादव, खखरी देवी, सुनीता देवी, राजीव कुशवाहा, राज और अंकित कुशवाहा ने बताया कि सड़क की हालत पिछले पांच वर्षों से बेहद खराब है।
हर साल मरम्मत की मांग की जाती रही है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने अब तक संज्ञान नहीं लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि यह मुख्य संपर्क मार्ग कई पंचायतों और सीमावर्ती झारखंड से आवागमन का एकमात्र जरिया है, लेकिन सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बरसात में कीचड़ और पानी भर जाने से सड़क पर चलना दुर्भर हो गया है। रोजाना दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
आक्रोश में अनोखा प्रदर्शन
गुरुवार को गांव के कई महिलाओं और पुरुषों ने गड्ढों में पानी भरने के बाद उसमें धान की रोपनी कर दी, ताकि सरकार और प्रशासन को यह दिखाया जा सके कि यह सड़क अब चलने लायक नहीं, बल्कि धान की खेती के लायक हो चुकी है।
प्रशासन ने ली जानकारी
सन्हौला के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शेखर सुमन ने बताया कि सड़क पर धान रोपने की जानकारी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि वे सड़क की स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
ग्रामीणों की मांग
- सड़क की तत्काल मरम्मत की जाए
- दुर्घटनाओं की स्थाई रोकथाम हो
- नियमित निरीक्षण और निर्माण कार्यों की निगरानी हो
एकचारी से झारखंड सीमा तक की यह सड़क न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के आवागमन के लिए भी अहम है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे समस्या का स्थायी समाधान निकालें, ताकि जनता को बुनियादी सुविधा मिल सके।


